जंग के बीच शांति की उम्मीद? इस्राइल-लेबनान के बीच ऐतिहासिक सैन्य वार्ता शुरू, पेंटागन में संघर्ष विराम पर मंथन

बेरूत | मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के बीच इस्राइली जमीनी सेना शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान के रणनीतिक रूप से अहम दिब्बीन गांव के भीतर प्रवेश कर गई। इस कदम से इस्राइल का सैन्य अभियान लेबनानी सरजमीं पर और गहरा गया है। इस जमीनी कार्रवाई के साथ ही इस्राइल द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों में कम से कम छह लोगों की जान चली गई। इनमें से पांच मौतें देइर कानौन अल नहर और अब्बासियेह गांवों में हुए हमलों में हुईं, जबकि एब्बा गांव में एक म्यूनिसिपल पुलिसकर्मी की मौत हो गई।
पेंटागन में ऐतिहासिक सीधी सैन्य बातचीत, संघर्षविराम को पूर्ण रूप से लागू करने पर जोर
एक बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम के तहत, वॉशिंगटन स्थित अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) में इस्राइल और लेबनान के सैन्य अधिकारियों के बीच दशकों बाद पहली बार आमने-सामने की सीधी बातचीत हुई। इस बैठक में छह सदस्यीय लेबनानी सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने इस्राइली अफसरों से मुलाकात की, जिसे पेंटागन ने सकारात्मक बताया। वार्ता के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के व्यावहारिक ढांचे पर विमर्श हुआ। लेबनान ने मांग रखी कि वर्ष 2024 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम की निगरानी समिति को पुनर्जीवित किया जाए और संघर्षविराम को व्यापक रूप से लागू किया जाए। लेबनानी सेना के प्रमुख जोसेफ औन ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर स्पष्ट किया कि किसी भी अन्य राजनीतिक मुद्दे या सीमा पर लेबनानी सेना की तैनाती से पहले युद्धविराम का पूर्ण पालन अनिवार्य है।
लितानी नदी के पास भीषण जमीनी जंग, नेतन्याहू ने उत्तरी मोर्चे का किया दौरा
दक्षिणी लेबनान में ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट किले के समीप स्थित योहमोर और जवतर अल-शर्कियेह गांवों के पास इस्राइली सुरक्षाबलों और हिजबुल्लाह के लड़ाकों के बीच आमने-सामने की खूनी झड़पें जारी हैं। हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने योहमोर में दाखिल हुए इस्राइली सैनिकों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस बीच, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उत्तरी मोर्चे का रणनीतिक दौरा किया। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि उनकी सेना लितानी नदी पार कर बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर चुकी है और हिजबुल्लाह को कड़ा सबक सिखा रही है। नेतन्याहू ने साफ किया कि उनकी सेना बेरूत, बेका घाटी सहित पूरे मोर्चे पर आक्रामक अभियान चला रही है। इसी बीच, इस्राइली सेना की नई सैन्य चेतावनी के बाद सैकड़ों लेबनानी परिवारों को घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर भागना पड़ा है।
अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक सहमति की सुगबुगाहट, लेबनान में भारी तबाही
वैश्विक कूटनीति के गलियारों से यह खबर भी आ रही है कि अमेरिका और ईरान के वार्ताकारों के बीच युद्धविराम की अवधि को और 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाने तथा ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नए सिरे से बातचीत शुरू करने को लेकर एक प्रारंभिक सहमति बनी है। हालांकि, ईरान ने आधिकारिक तौर पर अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी एक संभावित समझौते के संकेत दिए हैं, लेकिन यह साफ नहीं है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस पर अंतिम मुहर लगाएंगे या नहीं। हिजबुल्लाह के सांसद हसन फदलल्लाह का कहना है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच समझौता ही लेबनान में इस्राइली सैन्य चक्रव्यूह को रोक सकता है। गौरतलब है कि मार्च 2025 से भड़के इस ताजा संघर्ष में अब तक लेबनान में 3,200 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है और 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं।
