इजरायल का बड़ा सैन्य कदम, लेबनान के ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा जैसे हालात

तेल अवीव। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में एक बड़ी सैन्य कामयाबी हासिल करते हुए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण पहाड़ी पर कब्जा कर लिया है, जिसके शिखर पर ऐतिहासिक 'ब्यूफोर्ट किला' (Beaufort Castle) मौजूद है। इस ऐतिहासिक किले पर करीब 44 साल बाद एक बार फिर इजरायल का झंडा फहराया गया है। इजरायली सेना द्वारा पिछले 26 वर्षों के दौरान लेबनान की सीमा के भीतर जाकर की गई यह अब तक की सबसे बड़ी और सबसे अंदरूनी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है। इजरायली सेना ने रविवार को इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी साझा की।
सेना के मुताबिक, नबातियेह शहर के पास स्थित इस किले पर कब्जा करने के लिए इजरायली सैनिकों को इसके आसपास के गांवों में कई दिनों तक भीषण जमीनी लड़ाई और जोरदार हवाई हमलों का सहारा लेना पड़ा। इजरायली सैनिकों ने इस बेहद दुर्गम और पथरीले इलाके में हिजबुल्लाह के लड़ाकों के साथ आमने-सामने की जंग लड़ी। मार्च की शुरुआत में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच दोबारा भड़के इस ताजा युद्ध के बाद से इस किले पर नियंत्रण हासिल करना इजरायल के लिए एक बहुत बड़ी रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक उपलब्धि माना जा रहा है।
संघर्षविराम और शांति वार्ता के बीच सैन्य कार्रवाई
यह चौंकाने वाला घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब साल 1948 में इजरायल की स्थापना के बाद से ही हमेशा युद्ध की स्थिति में रहने वाले दोनों पड़ोसी देश वाशिंगटन में सीधी शांति वार्ता कर रहे हैं। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच 17 अप्रैल से एक नाममात्र का संघर्षविराम (सीजफायर) लागू है, इसके बावजूद इजरायल ने इतनी बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई इसलिए भी वैश्विक सुर्खियां बटोर रही है क्योंकि अगले दौर की बेहद महत्वपूर्ण शांति वार्ता दो और तीन जून को अमेरिकी विदेश मंत्रालय में आयोजित होने वाली है।
रक्षा मंत्री ने शेयर की झंडा फहराने की तस्वीर
इस सैन्य सफलता के बाद इजरायली सेना के अरबी भाषा के प्रवक्ता अवीचाय अद्राई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें इजरायली सैनिक इस ऐतिहासिक किले के मुख्य परिसर के बाहर गश्त करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी सोशल मीडिया पर घोषणा करते हुए लिखा कि देश के वीर सैनिकों ने ब्यूफोर्ट किले की चोटी पर पूरी शान से इजरायल का राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया है।
अगर इस किले के इतिहास पर नजर डालें, तो इससे पहले साल 1982 में लेबनान युद्ध के दौरान इजरायली सैनिकों ने पहली बार इस पर नियंत्रण स्थापित किया था। इसके बाद साल 2000 में जब इजरायली सेना ने लेबनान से पूरी तरह पीछे हटने का फैसला किया, तब तक यानी लगभग 18 सालों तक यह किला इजरायल के ही कब्जे में रहा था। अब करीब 44 साल बाद इतिहास ने खुद को दोहराया है और यह रणनीतिक पहाड़ी एक बार फिर इजरायल के नियंत्रण में आ गई है।
