अजमेर में खाकी शर्मसार: अवैध हुक्का बार छापे में गिरफ्तार ASI बोला- ‘लॉरेंस जैसी फोटो लेना’, एसपी ने किया सस्पेंड

अजमेर | अवैध हुक्का बार पर पुलिस की छापेमारी के दौरान पकड़े गए पुलिस लाइन के सहायक उपनिरीक्षक (ASI) अनिल जाखड़ मंगलवार को फिर सुर्खियों में आ गए। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) अदालत में पेशी के लिए ले जाते समय उन्होंने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से कहा कि उनकी तस्वीर लॉरेंस बिश्नोई की तरह अच्छी आनी चाहिए। इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने एएसआई अनिल जाखड़ को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस पुलिसकर्मी के खिलाफ पहले भी महकमे की तरफ से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा चुकी है।

गैर-कानूनी हुक्का बार पर छापा और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

यह पूरा मामला सोमवार देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे का है, जब गंज थाना पुलिस और दरगाह पुलिस उपाधीक्षक (CO) की टीम ने संयुक्त रूप से बोराज रोड स्थित धानुका गार्डन के पास चल रहे सीएनसी कैफे पर औचक कार्रवाई की। पुलिस को वहां अवैध रूप से हुक्का परोसे जाने की गुप्त सूचना मिली थी। छापे के दौरान कई लड़के वहां हुक्का पीते हुए पाए गए। जांच में सामने आया कि कैफे में मौजूद उन्नीस वर्षीय जतिन बिना किसी वैध लाइसेंस या मंजूरी के ग्राहकों को अलग-अलग फ्लेवर का हुक्का दे रहा था। पुलिस ने राजस्थान धूम्रपान निषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज कर उसे अपनी हिरासत में ले लिया।

कार्रवाई का विरोध करने और हंगामा करने पर एएसआई गिरफ्तार

छापेमारी के वक्त वहां मौजूद एएसआई अनिल जाखड़ ने पुलिस टीम की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। पुलिसकर्मियों द्वारा समझाने की कोशिशों के बावजूद वह शांत नहीं हुए और सरकारी काम में बाधा डालने लगे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। घटना के समय उन्होंने खुद को उस हुक्का बार का मालिक बताया था, हालांकि शुरुआती पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि यह कैफे उनका बेटा चला रहा था। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस अवैध कारोबार का असली संचालक कौन है।

सामग्री जब्त, ग्राहकों पर जुर्माना और कोर्ट में अजीब बर्ताव

इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से चार हुक्के, चार चिलम और धूम्रपान से जुड़ी अन्य सामग्री बरामद की। इसके साथ ही वहां हुक्का पी रहे दस युवकों पर कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए दो-दो सौ रुपये के चालान काटे गए और कुल दो हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। अदालत में पेशी के दौरान भी निलंबित एएसआई का व्यवहार बेहद अजीब रहा। वह साथी पुलिसकर्मियों के कंधों पर हाथ रखकर टहलता दिखा और पुलिस की गाड़ी में बैठते समय भी अपने बयानों से लोगों का ध्यान खींचता रहा। फिलहाल इस पूरे मामले की कड़ाई से जांच की जा रही है।

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