एक्शन मोड में सरकार: कल होने वाली उच्च स्तरीय बैठक से दूर होगी भर्तियों की अड़चन, 80 हजार पदों पर होगा बड़ा फैसला

जयपुर | राजस्थान में अलग-अलग सरकारी महकमों में अटकी पड़ी भर्ती प्रक्रियाओं को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार चार जून को एक बड़ी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करने जा रही है। सचिवालय के चिंतन समिति कक्ष में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक की कमान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास संभालेंगे। बैठक के दौरान प्रदेश के विभिन्न विभागों में खाली पड़े हजारों पदों को भरने और उनसे जुड़ी वित्तीय मंजूरियों के मामलों पर विस्तार से रणनीति तैयार की जाएगी।

चतुर्थ श्रेणी और सफाई कर्मचारियों के हजारों पदों पर होगी समीक्षा

इस उच्चस्तरीय बैठक के मुख्य एजेंडे में सबसे ऊपर चौवन हजार के करीब (53,749) चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों (फोर्थ क्लास) की रुकी हुई भर्ती का मामला शामिल है। इस प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों, जैसे मेडिकल टेस्ट और मेरिट लिस्ट तैयार करने में हो रही देरी को लेकर संबंधित अधिकारियों से प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी जाएगी। इसके साथ ही, चौबीस हजार से अधिक (24,793) सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के रास्ते में आ रही कानूनी अड़चनों और नियमों में किए जाने वाले जरूरी बदलावों की स्थिति की भी गहन समीक्षा की जाएगी।

पुलिस महकमे और ग्रामीण विकास में नए पदों को वित्तीय हरी झंडी की तैयारी

बेरोजगार युवाओं के लिए राहत की बात यह है कि बैठक में पुलिस विभाग के अंतर्गत तीन सौ अतिरिक्त उप निरीक्षक (एसआई) और नौ हजार कांस्टेबलों के पदों को मिलने वाली वित्तीय मंजूरी पर अंतिम मुहर लग सकती है। इसके अलावा, ग्रामीण विकास विभाग में तीन हजार चार सौ तीस ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) की भर्ती को लेकर चल रही वित्तीय फाइलों की स्थिति जांची जाएगी। स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से दो हजार नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ और छह सौ चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति पर भी बैठक में एजेंडा रखा गया है।

अभियंताओं और शिक्षकों की रुकी भर्तियों पर शीर्ष अधिकारियों का मंथन

बैठक के दौरान जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) में तीन हजार सहायक अभियंताओं (एएन) की कमी को दूर करने और पांच सौ नब्बे शारीरिक शिक्षकों (पीटीआई) की रुकी हुई भर्तियों के विवादों को सुलझाने पर चर्चा होगी। इस महामंथन में सभी विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), प्रमुख शासन सचिव और सचिव स्तर के आला अफसर मौजूद रहेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि वित्त विभाग में लंबित पड़े इन सभी भर्ती प्रस्तावों को हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश के लाखों प्रतियोगी छात्र-छात्राओं का सरकारी नौकरी पाने का इंतजार खत्म हो सकेगा।

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