आईएफएमएस 3.0 से राजस्थान की वित्तीय व्यवस्था बनेगी अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम – मुख्य सचिव

जयपुर। राजस्थान सरकार तकनीक आधारित सुशासन (गुड गवर्नेंस) को मजबूत करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि 'इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम' (IFMS 3.0) प्रदेश की वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, ट्रेसेबल और नागरिक-केंद्रित बनाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अब इस सिस्टम को और अधिक सक्षम और आधुनिक बनाया जा रहा है, ताकि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, भुगतान प्रक्रिया (पेमेंट प्रोसेस), वित्तीय निगरानी और अकाउंट मैनेजमेंट में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री की सुशासन की सोच के अनुरूप आधुनिक ट्रेजरी

मुख्य सचिव ने बुधवार को शासन सचिवालय से आयोजित आईएफएमएस 3.0 वेबिनार (ऑनलाइन सेमिनार) के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को इस सिस्टम के सभी मॉड्यूल्स को समय पर लागू करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सुशासन की सोच के अनुरूप राज्य की ट्रेजरी (कोष) और वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को पहले से कहीं ज्यादा आधुनिक, मजबूत और विश्वसनीय बनाया जा रहा है।

सिस्टम में शामिल होंगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सुविधाएं

वेबिनार के दौरान मुख्य सचिव ने आईएफएमएस 3.0 को आम उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक आसान (यूजर फ्रेंडली) बनाने और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को शामिल करने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल, सरकारी प्रक्रियाओं के सरलीकरण और विभिन्न जिलों में अपनाई जा रही बेहतरीन कार्यप्रणालियों को आपस में साझा करने पर जोर दिया। इसके अलावा, आहरण एवं वितरण अधिकारियों (DDO) और जिला स्तरीय कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए नियमित ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।

डेटा सुरक्षा के लिए कड़े साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल

डिजिटल वित्तीय प्रणाली में साइबर सुरक्षा की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी डेटा की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने और साइबर खतरों के प्रति कर्मचारियों में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि वित्तीय डेटा की सुरक्षा और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सभी विभागों को पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।

दूसरे राज्य भी कर रहे हैं राजस्थान के वित्तीय मॉडल का अध्ययन

वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने कहा कि आईएफएमएस 3.0 राज्य की वित्तीय व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न विभागों और योजनाओं को चरणबद्ध (स्टेप-बाय-स्टेप) तरीके से इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है, और 'एसएनए स्पर्श' (SNA SPARSH) जैसी प्रणालियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। राजस्थान के इस बेहतरीन वित्तीय प्रबंधन मॉडल की सफलता को देखते हुए अब दूसरे राज्य भी इसका अध्ययन कर रहे हैं।

इस वेबिनार के दौरान अतिरिक्त निदेशक (IFMS) मनीष शुक्ला ने सिस्टम के विभिन्न मॉड्यूल्स, ट्रेजरी और राजस्व प्रबंधन प्रणाली पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। बैठक में वित्त (बजट) विशेष शासन सचिव शिवांगी स्वर्णकार, संयुक्त शासन सचिव संध्या शर्मा सहित आईटी, एनआईसी और वित्त विभाग के तमाम उच्च अधिकारी मौजूद रहे, जबकि विभिन्न जिलों के जिला कलेक्टर, कोषाधिकारी (ट्रेजरी ऑफिसर्स) और उप कोषाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इससे जुड़े।

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