रोजी-रोटी कमाने गए शख्स की अंतरराष्ट्रीय हमले में मौत: कुवैत एयरपोर्ट ब्लास्ट से उज्जैन में पसरा मातम

उज्जैन | ईरान द्वारा कुवैत हवाई अड्डे पर किए गए एक अचानक ड्रोन हमले में मध्य प्रदेश के उज्जैन के रहने वाले एक भारतीय नागरिक की दर्दनाक मौत हो गई। इस हमले के बाद सुरक्षा और किसी भी बड़ी अनहोनी को रोकने के मद्देनजर कुवैत अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। हवाई हमले के कारण हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है और इस हादसे में कई अन्य लोगों के भी घायल होने की खबर है।
विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की, जताई गहरी संवेदना
भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ यह हमला बेहद निंदनीय है, जिसमें एक भारतीय नागरिक ने अपनी जान गंवाई है और कई अन्य नागरिक जख्मी हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया में जारी इस संघर्ष के बीच नागरिक आबादी और उनके बुनियादी ढांचों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि कुवैत स्थित भारतीय दूतावास घायलों की हरसंभव मदद कर रहा है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में बना हुआ है।
भांजी की शादी की खुशियां मातम में बदलीं
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान मंजूर अहमद के रूप में हुई है, जो पिछले लगभग 30 वर्षों से कुवैत में रहकर दर्जी (टेलरिंग) का काम करते थे। आगामी 8 जून को उज्जैन में उनकी सगी भांजी का विवाह होना तय हुआ था, जिसमें सम्मिलित होने के लिए वे अपने वतन वापस लौट रहे थे। मंजूर अहमद भारत की फ्लाइट पकड़ने के लिए कुवैत एयरपोर्ट पर अपनी बारी का इंतजार ही कर रहे थे कि अचानक ईरान की तरफ से ड्रोन हमला हो गया, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। घर पर जहां एक तरफ शादी की तैयारियां और खुशियों का माहौल था, वहीं अचानक आई इस मनहूस खबर से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है।
शव को भारत लाने के लिए परिजनों ने लगाई गुहार
इस अप्रत्याशित त्रासदी से टूटे पीड़ित परिवार ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से भावुक अपील की है। परिजनों ने मंजूर अहमद के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द कुवैत से भारत (उज्जैन) लाने के लिए सरकारी स्तर पर त्वरित मदद और सहयोग की गुहार लगाई है। क्षेत्र में रहने वाले अन्य भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर भी आशंकाएं बनी हुई हैं, जिसके चलते खाड़ी देशों में मौजूद भारतीय दूतावास पूरी तरह सतर्क हैं और वहां रह रहे भारतीय समुदाय को सक्रिय रूप से सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
