अमेरिकी टेक जगत में भारतीयों का डंका: 96 यूनिकॉर्न कंपनियों के साथ सबसे आगे रहा भारत, एनएफएपी की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली | अमेरिका में एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली निजी स्टार्टअप कंपनियों (यूनिकॉर्न) को खड़ा करने में भारतीय मूल के उद्यमियों का दबदबा देखने को मिला है। 'नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी' (NFAP) की एक होलिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी यूनिकॉर्न कंपनियों के संस्थापकों में भारतीय मूल के उद्यमी सबसे बड़े प्रवासी समूह के रूप में उभरे हैं। इस अध्ययन से साफ होता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में अप्रवासी नवप्रवर्तकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो चुकी है।
96 कंपनियों के साथ भारत शीर्ष पर, प्रवासियों का दबदबा
इस शोध के अनुसार, अमेरिका की कुल 96 यूनिकॉर्न कंपनियों की स्थापना या सह-स्थापना भारतीय मूल के दिग्गजों ने की है। इस सूची में $20 अरब के मूल्यांकन के साथ 12वें स्थान पर मौजूद एआई स्टार्टअप 'पर्प्लेक्सिटी एआई' भी शामिल है, जिसके सह-संस्थापक अरविंद श्रीनिवास हैं। प्रवासी संस्थापकों के मामले में भारत के बाद इस्राइल (60), यूनाइटेड किंगडम (47), चीन (41) और कनाडा (30) का नंबर आता है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अमेरिका की कुल 775 निजी यूनिकॉर्न कंपनियों में से 59 प्रतिशत (455 कंपनियां) प्रवासियों द्वारा स्थापित हैं, जबकि लगभग 66 प्रतिशत कंपनियों की नींव में प्रवासियों या उनकी अगली पीढ़ी का हाथ है।
रोजगार सृजन और एलन मस्क सहित बड़े नाम शामिल
इन प्रवासी संस्थापकों वाली कंपनियों ने अमेरिका में औसतन प्रति कंपनी 833 नौकरियों का सृजन किया है। इसके अलावा, लगभग 80 प्रतिशत अमेरिकी यूनिकॉर्न में कोई न कोई अप्रवासी संस्थापक या शीर्ष नेतृत्व (जैसे सीईओ या वीपी इंजीनियरिंग) मौजूद है। इस अध्ययन में पाया गया कि कम से कम 15 उद्यमियों ने दो या उससे अधिक यूनिकॉर्न कंपनियां बनाई हैं। इस फेहरिस्त में दक्षिण अफ्रीका में जन्मे एलन मस्क (स्पेसएक्स, ओपनएआई, न्यूरालिंक) और लेबनान के नूबार अफेयान (मॉडर्ना सहित 5 कंपनियां) के साथ-साथ भारत के 6 प्रमुख उद्यमी- मोहित अरोन, ज्योति बंसल, आशुतोष गर्ग, अरविंद जैन, सचिन नय्यर और अजीत सिंह भी शामिल हैं।
5 ट्रिलियन डॉलर का विशाल संयुक्त मूल्यांकन
रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि प्रवासियों द्वारा स्थापित इन 455 यूनिकॉर्न कंपनियों का कुल संयुक्त बाजार मूल्यांकन लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से 183 अरब डॉलर मूल्य की कंपनियां ऐसे लोगों ने शुरू कीं, जो कभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों के तौर पर पढ़ने अमेरिका आए थे। सबसे मूल्यवान यूनिकॉर्न कंपनियों में स्पेसएक्स (1.5 ट्रिलियन डॉलर), एंथ्रोपिक (965 अरब डॉलर), ओपनएआई (852 अरब डॉलर) और डेटाब्रिक्स (134 अरब डॉलर) जैसे बड़े नाम अग्रणी स्थान पर बने हुए हैं।
