वैष्णो देवी जाने का प्लान है? पहले पढ़ लें ये जरूरी खबर, बुकिंग हुई फुल

कटरा: देश भर में गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही माता वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। अगर आप भी इन छुट्टियों में माता वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने की सोच रहे हैं, तो आपको अपनी योजना में थोड़ा बदलाव करने या सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है। कटरा से लेकर माता के भवन तक का पूरा रास्ता श्रद्धालुओं से पूरी तरह पैक है। भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि प्रशासन को तय समय से पहले ही रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा, अगले दो हफ्तों के लिए लगभग सभी जरूरी सेवाओं की एडवांस बुकिंग पहले ही फुल हो चुकी है।

परेशानी से बचने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सलाह

यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था और असुविधा से बचने के लिए श्रद्धालुओं को ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। आप श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या उनके मोबाइल ऐप के जरिए यात्रा पर्ची, हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार, ठहरने के लिए रूम, रोपवे, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की एडवांस बुकिंग कर सकते हैं। हालांकि, भारी भीड़ की वजह से फिलहाल इन सुविधाओं की ऑनलाइन बुकिंग भी लगभग फुल चल रही है, इसलिए पहले से स्टेटस चेक करना बेहद जरूरी है।

लाखों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु और सुरक्षा के इंतजाम

माता के दरबार में उमड़ी इस भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले महज एक हफ्ते के भीतर 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके हैं। हर दिन यहां आने वाले भक्तों का आंकड़ा 45 से 50 हजार के बीच बना हुआ है। यात्रा की पर्ची कटाने से लेकर मुख्य भवन में दर्शन करने तक, हर जगह श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्राइन बोर्ड के अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं और दर्शन के बाद किसी भी श्रद्धालु को भवन परिसर में ज्यादा देर रुकने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

समय से पहले बंद हो रहे काउंटर और रजिस्ट्रेशन के अन्य विकल्प

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों के मुताबिक, सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोजाना केवल 50,000 श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति दी जा सकती है। इसी वजह से जैसे ही यह संख्या पूरी होती है, मुख्य पंजीकरण काउंटरों को समय से पहले ही बंद कर दिया जाता है। ऐसे में अगर मुख्य काउंटर बंद मिलते हैं, तो श्रद्धालु ऑनलाइन यात्रा पर्ची डाउनलोड करने के अलावा ताराकोट और ड्योढी प्रवेश द्वार पर बने वैकल्पिक केंद्रों से अपना आरएफआईडी (RFID) कार्ड हासिल कर सकते हैं।

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