कस्टम अधिकारियों ने पकड़ी बड़ी तस्करी, गीजर के अंदर मिला करोड़ों का गांजा

नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग (कस्टम्स) की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बेहद बड़ी और अनोखी कामयाबी हासिल की है। सतर्क अधिकारियों ने कुआलालंपुर से दिल्ली पहुंचे दो अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के नापाक मंसूबों को नाकाम करते हुए उनके पास से 15.38 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला हाइड्रोपोनिक गांजा (वीड) बरामद किया है। तस्करों ने इस प्रतिबंधित मादक पदार्थ को हवाई अड्डे से बाहर निकालने के लिए नए गीजर के भीतर बेहद चालाकी से छुपाया हुआ था, लेकिन ग्रीन चैनल पार करते ही उन्हें दबोच लिया गया।

कुआलालंपुर से आए यात्रियों ने गीजर के भीतर बनाया था गुप्त केबिन

कस्टम्स के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई 7 जून 2026 को अमल में लाई गई, जब मलेशिया के कुआलालंपुर से उड़ान संख्या D7-182 के जरिए दो संदिग्ध यात्री दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे। खुफिया इनपुट और यात्रियों के हाव-भाव (प्रोफाइलिंग) के आधार पर सुरक्षा टीम को उन पर शक हुआ। जब उनके सामान की गहनता से जांच की गई, तो चेक-इन बैग के साथ रखे दो नए वाटर गीजर ने अधिकारियों का ध्यान खींचा। संदेह गहराने पर जब गीजरों को एक्स-रे मशीन से गुजारा गया, तो उसके भीतर सामान्य कलपुर्जों के बजाय कुछ संदिग्ध पैकेट नजर आए। इसके बाद जब तकनीकी उपकरणों की मदद से गीजर को काटा गया, तो उसके भीतर एक अत्यंत परिष्कृत और अत्याधुनिक छिपाने का ढांचा (हाइली सोफिस्टिकेटेड हाइडिंग मैकेनिज्म) देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।

एक्स-रे स्कैनिंग के बाद खुले गीजर और निकले 145 वैक्यूम सील पैकेट

गीजर के खोखले अंदरूनी हिस्से से सुरक्षा टीम ने एक-एक कर कुल 145 वैक्यूम सील पैकेट बरामद किए। इन पैकेट्स को इस तरह पैक किया गया था ताकि बाहर इसकी गंध न आ सके। जब वैज्ञानिक किट के जरिए पैकेट में बंद हरे पत्तेदार पदार्थ की जांच की गई, तो उसके अत्याधुनिक तकनीक से उगाए गए 'हाइड्रोपोनिक गांजा' होने की पुष्टि हुई। सीमा शुल्क विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की इस प्रतिबंधित ड्रग्स को अपने कब्जे में ले लिया और दोनों विदेशी यात्रियों को मादक पदार्थों की तस्करी के संगीन जुर्म में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 5.38 करोड़ रुपये कीमत और एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज

एयर इंटेलिजेंस यूनिट के आकलन के मुताबिक, पकड़े गए 15.38 किलो हाइड्रोपोनिक वीड की अंतर्राष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में अनुमानित कीमत करीब 5.38 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। कस्टम्स विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों द्वारा उनके मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड्स और व्हाट्सएप चैट्स की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है ताकि भारत में सक्रिय ड्रग्स सिंडिकेट और उनके स्थानीय संपर्कों (रिविसर्स) का पता लगाया जा सके। हवाई अड्डे पर विदेशी उड़ानों से आने वाले मुसाफिरों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

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