दिल्ली के कारोबारी से मांगी 3 करोड़ की फिरौती, अमेरिका से कॉल कर दी धमकी

नई दिल्ली। उत्तर पश्चिम जिला पुलिस की विशेष टीम ने एक नामी व्यापारी से कुख्यात गैंगस्टर काला जठेड़ी गिरोह के नाम पर तीन करोड़ रुपये की मोटी रंगदारी मांगने के सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश किया है। इस पूरे षड्यंत्र को अंजाम देने वाले दो अन्य व्यवसायियों को पुलिस ने धर दबोचा है, जिनकी पहचान हरियाणा के यमुनानगर निवासी साहिल गर्ग और राजन कालरा के रूप में हुई है। चिकित्सा उपकरणों (मेडिकल इक्विपमेंट्स) के कारोबार से जुड़े मुख्य आरोपी साहिल गर्ग ने पैसों के आपसी लेन-देन के एक पुराने विवाद का बदला लेने के लिए अपने मित्र राजन कालरा और अमेरिका के कैलिफोर्निया में रह रहे उसके सगे भाई के साथ मिलकर इस पूरी खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने कानूनन कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त तीन आधुनिक मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं।
कैलिफोर्निया से इंटरनेट कॉलिंग और वॉयस मैसेज के जरिए दी धमकी
इस हाईटेक रंगदारी का खुलासा तब हुआ जब राणा प्रताप रोड निवासी पीड़ित व्यवसायी रोहित जैन ने आदर्श नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें विदेशी नंबरों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव के अनुसार, शिकायतकर्ता को इंटरनेट कॉलिंग के जरिए खुद को काला जठेड़ी गैंग का गुर्गा बताने वाले कॉलर ने फोन किया और साहिल गर्ग का बकाया पैसा तुरंत चुकाने का फरमान सुनाया। धमकी देने वाले ने यहां तक दावा किया कि इस वसूली के लिए उसने साहिल गर्ग से ₹50 लाख की एडवांस 'टोकन राशि' ले रखी है और यदि तीन करोड़ रुपये नहीं दिए गए, तो रोहित जैन को मौत के घाट उतार दिया जाएगा। बवाना सेक्टर-5 में प्लास्टिक ग्लू टेप की फैक्टरी चलाने वाले पीड़ित ने पुलिस को बताया कि साहिल गर्ग के साथ उनका करीब 2.95 करोड़ रुपये का व्यापारिक विवाद चल रहा था, जिसे लेकर पूर्व में कानूनी शिकायतें भी हो चुकी थीं।
विदेश में बैठे भाई के नेटवर्क का इस्तेमाल कर रची गई साजिश
पुलिस की तकनीकी विंग ने जब मामले की गहराई से पड़ताल की, तो पाया कि पीड़ित को डराने के लिए एक भारतीय और एक अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबर का उपयोग किया जा रहा था। इस साजिश की परतें खोलते हुए पुलिस ने पाया कि आरोपियों ने पहले खुद गैंगस्टर की आवाज में डराने वाले वॉयस मैसेज रिकॉर्ड किए, फिर उन्हें राजन कालरा के जरिए कैलिफोर्निया में बैठे उसके भाई को वॉट्सऐप किया। वहां से उस भाई ने उन मैसेजेस को अमेरिकी नंबरों से भारत में पीड़ित कारोबारी के फोन पर फॉरवर्ड कर दिया, ताकि ऐसा प्रतीत हो कि सात समंदर पार बैठा कोई अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर सीधे इस वसूली को संचालित कर रहा है।
लोकेशन बदल रहे थे आरोपी, पुलिस ने जाल बिछाकर दबोचा
जब दिल्ली पुलिस की टीम ने मामले में नामजद आरोपियों की तलाश शुरू की, तो वे लगातार कानून की गिरफ्त से बचने के लिए अपनी लोकेशन बदल रहे थे। सर्विलांस सेल की मदद से पता चला कि दोनों आरोपी हरियाणा के करनाल, जगाधरी, यमुनानगर और चंडीगढ़ के बीच लगातार भाग रहे हैं। पुलिस की विशेष टीम ने जाल बिछाकर सबसे पहले आरोपी राजन कालरा को धर दबोचा। इसके बाद, राजन की निशानदेही और कड़ाई से की गई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने इस पूरे फिरौती कांड के मास्टरमाइंड साहिल गर्ग को भी सलाखों के पीछे भेज दिया। फिलहाल, पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इस साजिश में कैलिफोर्निया में बैठे भाई के अलावा जठेड़ी गैंग के किसी वास्तविक गुर्गे की भी कोई संलिप्तता थी या नहीं।
