शिवसेना-NDA रिश्तों पर शिंदे की दो टूक, सम्मान और सहयोग का किया जिक्र

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को देश की राजधानी में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए साफ किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में उनकी पार्टी 'शिवसेना' को कभी भी कमतर या छोटा नहीं समझा गया। उन्होंने कहा कि सूबे के सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की मुख्य सहयोगी होने के नाते शिवसेना को गठबंधन के भीतर हमेशा सर्वोच्च सम्मान और तवज्जो मिलती है। नई दिल्ली में मीडियाकर्मियों से रूबरू होते हुए उन्होंने गठबंधन में मतभेदों की तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया।
गठबंधन में छोटे-बड़े का कोई भेद नहीं: शिंदे
जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि क्या राष्ट्रीय स्तर के गठबंधन में क्षेत्रीय पार्टियों को दरकिनार किया जाता है या उन्हें छोटा समझा जाता है, तो शिंदे ने जवाब दिया:
"मुझे अपने राजनैतिक जीवन में ऐसा कड़वा अनुभव कभी नहीं हुआ। आज जब भी दिल्ली में एनडीए की उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जाती है, शिवसेना को पूरा मान-सम्मान दिया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी भी दल को उसकी सीमित सीटों या छोटे आकार के चश्मे से नहीं देखते, बल्कि वे सभी सहयोगियों को साथ लेकर पूरे कुनबे को मजबूत करने की विचारधारा पर काम करते हैं।"
बुधवार को आयोजित हुई एनडीए की महाबैठक से पहले शिंदे ने गर्व जताते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्रियों की सूची में शामिल होने पर बधाई प्रस्ताव पेश करने का गौरव प्राप्त हुआ है।
पीएम मोदी के बेदाग रिकॉर्ड और काम के प्रति समर्पण की तारीफ
मुख्यमंत्री शिंदे ने देश के विकास में प्रधानमंत्री के योगदान की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पिछले 12 वर्षों के अपने ऐतिहासिक कार्यकाल के दौरान देश सेवा के लिए एक दिन का भी अवकाश (छुट्टी) नहीं लिया है और वे आगे भी इसी अटूट संकल्प के साथ भारत का नेतृत्व करते रहेंगे। 2014 के बाद से देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और इसे दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने का श्रेय भी उन्होंने प्रधानमंत्री को दिया।
उन्होंने आगे जोड़ा कि महाराष्ट्र के विकास और किसी भी आपदा की घड़ी में केंद्र सरकार ने हमेशा राज्य की झोली भरकर मदद की है, जो उनके बेदाग प्रशासनिक रिकॉर्ड को दर्शाता है।
पारिवारिक रिश्तों और घरेलू सियासत का जिक्र
अपने संबोधन के दौरान एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने आत्मीय और व्यक्तिगत संबंधों को भी साझा किया। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में जब खराब मौसम के चलते ठाणे जिले के मुरबाड़ जा रहा उनका चौपर (हेलिकॉप्टर) उड़ान नहीं भर पाया था और उन्हें मुंबई लौटना पड़ा था, तब खुद प्रधानमंत्री ने फोन कर उनकी कुशलता जानी थी। इसके साथ ही पीएम मोदी के उनके सांसद बेटे श्रीकांत और पोते रुद्रांश के साथ भी बेहद मधुर और स्नेहपूर्ण संबंध हैं।
हालाँकि, अंदरूनी सूत्रों की मानें तो यह बयान ऐसे समय में आया है जब ठीक एक दिन पहले मंगलवार को शिवसेना के कुछ मंत्रियों ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा के अनावरण समारोह में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को न्योता न दिए जाने पर दबी जबान में गहरी नाराजगी व्यक्त की थी। इसके बावजूद शिंदे ने दिल्ली की बैठक में पूरी तरह एकजुटता का संदेश दिया है।
