दो दिन तक बाहर नहीं निकला युवक, पड़ोसियों की सूचना पर घर में मिला शव

फरीदाबाद। स्थानीय जवाहर कॉलोनी में उस समय अचानक सनसनी फैल गई, जब एक बंद मकान के भीतर से एक युवक का शव अत्यंत संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। मृतक की शिनाख्त जितेंद्र के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार का निवासी था और यहां ऑटोमोबाइल क्षेत्र की नामी यामाहा कंपनी में नौकरी करता था। बंद कमरे में लाश मिलने की सूचना के बाद पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस ने शुरुआती कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।
बंद मकान से आती तेज बदबू ने बढ़ाया पड़ोसियों का शक
मोहल्ले के निवासियों के मुताबिक, जितेंद्र को पिछले करीब दो दिनों से किसी ने भी गली में या घर के बाहर आते-जाते नहीं देखा था। बुधवार को अचानक उसके सूने मकान की तरफ से राहगीरों और पड़ोसियों को असहनीय दुर्गंध का अहसास हुआ। शुरुआत में लोगों ने इसे कचरे या किसी मरे हुए जानवर की बदबू समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन समय बीतने के साथ जब तीखी गंध पूरे क्षेत्र में फैलने लगी, तो स्थानीय लोगों को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। इसके बाद कुछ प्रबुद्ध नागरिकों ने हिम्मत जुटाकर घर की खिड़की के पास जाकर देखा, जहां से बदबू का झोंका और तेज आ रहा था, जिसके तुरंत बाद इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस थाने को दी गई।
दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी पुलिस, फर्श पर पड़ा था शव
संदिग्ध मौत की सूचना पाते ही पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत जवाहर कॉलोनी स्थित घटना स्थल पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने मुख्य द्वार को काफी देर तक खटखटाया और आवाजें दीं, लेकिन अंदर से कोई हलचल न होने पर आखिरकार कटर और हथौड़े की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। जैसे ही पुलिस टीम कमरे के भीतर दाखिल हुई, वहां का नजारा बेहद भयावह था। जितेंद्र अपने बिस्तर के ठीक नीचे फर्श पर बेजान हालत में पड़ा हुआ था। अत्यधिक समय बीत जाने के कारण शव पूरी तरह से फूल चुका था और उसका रंग भी स्याह पड़ गया था, जिससे फोरेंसिक जानकारों ने अनुमान लगाया है कि युवक की मृत्यु कम से कम 48 घंटे पहले हो चुकी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के आने का इंतजार
पुलिस प्रशासन ने घटना स्थल की बारीकी से जांच करने के बाद शव को एम्बुलेंस के जरिए सरकारी अस्पताल के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। शुरुआती पंचनामे और निरीक्षण में शरीर पर किसी बाहरी गंभीर चोट के निशान स्पष्ट नहीं हो सके हैं, जिसके कारण मौत की असल वजह अभी तक एक पहेली बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने मृतका के गृह राज्य बिहार में रह रहे उसके परिजनों को इस दुखद घटना की आधिकारिक सूचना दे दी है और आसपास के दुकानदारों व मकान मालिक से जितेंद्र की व्यक्तिगत दिनचर्या को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह आत्महत्या है, प्राकृतिक मौत या फिर किसी साजिश का हिस्सा।
