न्यूक्लियर सेक्टर को बढ़ावा, आयातित वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी माफ

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस क्षेत्र से जुड़ी वस्तुओं के आयात पर पिछले करीब सात वर्षों का बकाया सीमा शुल्क (Customs Duty) माफ करने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह छूट 1 अप्रैल, 2019 से 31 जनवरी, 2026 तक की अवधि के लिए पूर्व प्रभाव (Retrospective Effect) से लागू होगी।
परमाणु वस्तुओं के आयात पर पुरानी अवधि का टैक्स हुआ माफ
मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, इस साल 1 फरवरी, 2026 को जारी एक आदेश के तहत परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए जरूरी सभी वस्तुओं के आयात पर सीमा शुल्क को पूरी तरह खत्म कर दिया गया था। हालांकि, इस तारीख से पहले इन सामानों पर नियमानुसार कस्टम ड्यूटी लागू थी। अब सरकार ने साफ किया है कि 1 अप्रैल, 2019 से 31 जनवरी, 2026 के बीच आयात की गई ऐसी वस्तुओं पर यदि कोई सीमा शुल्क बनता भी है, तो उसकी वसूली नहीं की जाएगी।
सामान्य कामकाजी तौर-तरीकों को मिली आधिकारिक मंजूरी
सरकार का कहना है कि इस तय अवधि (2019 से 2026) के दौरान परमाणु ऊर्जा से जुड़े सामानों पर सीमा शुल्क न वसूलने का चलन पहले से ही सामान्य रूप से व्यवहार में था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने अब निर्देश जारी किया है कि इस समय सीमा के भीतर आयात किए गए सामानों पर किसी भी तरह का टैक्स देना जरूरी नहीं होगा। इस कदम से इस क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी।
ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ा कदम
देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार गैर-पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर विशेष ध्यान दे रही है, जिसमें परमाणु ऊर्जा एक बेहद अहम हिस्सा है। इस क्षेत्र को मजबूत करने के इरादे से ही पिछले साल दिसंबर में संसद द्वारा 'शांति विधेयक' को भी मंजूरी दी गई थी। टैक्स छूट का यह ताजा फैसला भी इसी दूरदर्शी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
