आग से ज्यादा चौंकाने वाला खुलासा, मंजिलों के दरवाजे बाहर से क्यों थे बंद?

नई दिल्ली। देश की राजधानी के गोविंदपुरी थाना अंतर्गत तुगलकाबाद एक्सटेंशन इलाके में बृहस्पतिवार देर रात एक पांच मंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे के दौरान चारों तरफ फैले जहरीले धुएं और चीख-पुकार के बीच लोग अपनी जान बचाने के लिए जद्दोजहद करते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर लगी आग का धुआं इतनी तेजी से ऊपरी मंजिलों की तरफ फैला कि लोगों को भागने का मौका तक नहीं मिला। दहशत के माहौल में कुछ निवासियों ने खिड़कियों से साड़ियों के सहारे लटककर नीचे उतरने का प्रयास किया, तो वहीं कई लोग मदद की गुहार लगाते हुए छत की ओर भागे। संकरी गली में स्थित नया तारा अपार्टमेंट के पास तड़के करीब 2:25 बजे भड़की इस आग ने चंद मिनटों में ही पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया।
दम घुटने से एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत
इस दिल दहला देने वाले अग्निकांड में तीसरी मंजिल पर रहने वाले एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। मृतकों की पहचान पंकज (28), उनकी नानी सुशीला देवी (70) और बहन सोनी (20) के रूप में हुई है। वहीं, पंकज की मां गुड्डी देवी (50) और छोटी बहन मोनी (18) की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें सघन उपचार के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर में दाखिल कराया गया है। दमकल और पुलिस की संयुक्त टीमों ने भारी मशक्कत के बाद कुल आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश हताहत लोग आग से झुलसने के कारण नहीं, बल्कि बिल्डिंग में भरे अत्यधिक घने और जहरीले धुएं के कारण बेहोश हुए थे।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बंद दरवाजों ने बढ़ाई आफत
इस हादसे के बाद बिल्डिंग की बनावट और सुरक्षा इंतजामों को लेकर कई गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। राहत कार्य में जुटे स्थानीय नागरिकों ने बताया कि बहुमंजिला रिहायशी इमारत में आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता था, जो पार्किंग एरिया में आग लगते ही पूरी तरह ब्लॉक हो गया। इसके अलावा, जब लोग जान बचाने के लिए ऊपर भागे तो छत के मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ा हुआ था, जिसे बाद में लोहे की रॉड से तोड़कर खोला गया। इतना ही नहीं, तीसरी मंजिल के मुख्य द्वार पर बाहर से कुंडी लगी होने की बात भी सामने आई है, जिसके कारण वहां रह रहा परिवार अंदर ही कैद होकर रह गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पड़ोसियों ने छत पर रखी पानी की टंकियों में छेद कर पानी सीढ़ियों की तरफ बहाया, जिससे धुएं का गुबार कुछ कम हुआ।
शॉर्ट सर्किट या ई-स्कूटर की चार्जिंग, जांच में जुटी पुलिस
अग्निकांड की वास्तविक वजहों को लेकर प्रशासन और स्थानीय लोगों के दावों में भिन्नता देखने को मिल रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद बिजली के मुख्य तारों में हुए शॉर्ट सर्किट को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। इसके विपरीत, क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि पार्किंग स्पेस में देर रात एक इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्जिंग पर लगा हुआ था। चार्जिंग पॉइंट में अचानक हुई जोरदार स्पार्किंग के बाद लगी आग ने वहां खड़ी सात अन्य मोटरसाइकिलों और साइकिल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे धमाके के साथ लपटें उठने लगीं। दमकल विभाग के मुताबिक, तड़के 4 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया था, लेकिन संकरी गलियों के कारण दमकल की गाड़ियों को मौके पर पहुंचने और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
