मध्य प्रदेश दौरे पर राष्ट्रपति Droupadi Murmu, 21 जून को कूनो में रात्रि विश्राम

भोपाल: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 से 22 जून के बीच मध्य प्रदेश के पांच दिवसीय दौरे पर आ रही हैं। इस यात्रा के दौरान वे प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे खंडवा (ओंकारेश्वर), श्योपुर, ग्वालियर, इंदौर और बैतूल के प्रमुख स्थानों का भ्रमण करेंगी। राष्ट्रपति के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए सुरक्षा के बेहद पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और खुद मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की है। उनके स्वागत के लिए राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित राज्य के तमाम बड़े नेता और अधिकारी मौजूद रहेंगे।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और स्वास्थ्य कार्यक्रम
राष्ट्रपति अपने दौरे की शुरुआत 18 जून को पवित्र धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर से करेंगी, जहाँ वे दो दिनों तक रुकेंगी। यात्रा के पहले दिन वे भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना करने के बाद वहीं रात्रि विश्राम करेंगी। इसके अगले दिन वे वहां आयोजित होने वाले सिकल सेल स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। राष्ट्रपति की सुरक्षा के मद्देनजर ओंकारेश्वर में करीब 1500 पुलिस जवानों को तैनात किया जा रहा है। विशेष बात यह है कि द्रौपदी मुर्मू ओंकारेश्वर पहुंचने वाली देश की दूसरी राष्ट्रपति होंगी; इनसे पहले साल 1988 में तत्कालीन राष्ट्रपति आर. वेंकटरमण ने यहां आकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए थे।
कूनो नेशनल पार्क में चीतों को करेंगी आजाद
अपने दौरे के अगले चरण में राष्ट्रपति 21 जून को वायुसेना के विशेष हेलीकॉप्टर से सबसे पहले ग्वालियर पहुंचेंगी और फिर वहां से सीधे कूनो नेशनल पार्क के लिए रवाना होंगी। वे कूनो नेशनल पार्क में दो दिन के प्रवास पर रहेंगी, जहाँ की प्राकृतिक खूबसूरती के बीच वे पहली रात बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में गुजारेंगी। कूनो दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति कई महत्वपूर्ण आयोजनों का हिस्सा बनेंगी। इस दौरान बोत्सवाना से भारत लाए गए उन चीतों को, जिन्हें अब तक बड़े बाड़ों में रखा गया था, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों कूनो के खुले जंगल में आजाद कराया जाएगा।
इस प्रकार अपने इस पांच दिनों के व्यस्त और ऐतिहासिक दौरे में महामहिम मध्य प्रदेश के विकास, पर्यावरण और संस्कृति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का गवाह बनेंगी।
