दिल्ली में आवास क्रांति! पुनर्वास नीति-2026 लागू, लाखों परिवारों को मिलेगा घर

नई दिल्ली। देश की राजधानी में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जानकारी दी कि 'दिल्ली स्लम एवं झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति-2026' को अंतिम रूप दे दिया गया है, जिसकी अधिसूचना दिल्ली सरकार द्वारा बहुत जल्द जारी की जाएगी। इस नई योजना के क्रियान्वयन से दिल्ली की झुग्गी-बस्तियों में जीवन बसर करने वाले करीब चार लाख परिवारों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। पुनर्वास से जुड़ी एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र और दिल्ली सरकार आपस में मिलकर इस विस्थापन और पुनर्वास की प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ाएंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दोनों सरकारों के वरिष्ठ नीति निर्माता उपस्थित रहे।
पीपीपी मॉडल और टेंडर प्रक्रिया के लिए कड़े निर्देश
बैठक के दौरान गृह मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के आधार पर झुग्गी पुनर्वास के लिए पांच प्रमुख क्लस्टरों के टेंडर आगामी 45 दिनों के भीतर हर हाल में जारी कर दिए जाएं। इसके अतिरिक्त, 50 अन्य झुग्गी बस्तियों के लिए भी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर उनकी निविदा प्रक्रिया को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने दिल्ली सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पुनर्वास के कार्यों में कोई ढिलाई न हो और पात्र परिवारों को जल्दी घर मिल सके, इसके लिए प्रति माह न्यूनतम पांच पीपीपी आधारित परियोजनाओं के टेंडर अनिवार्य रूप से निकाले जाएं।
आधुनिक जनसुविधाएं और पात्रता की कट-ऑफ तारीख
अमित शाह ने यह भी साफ किया कि विकसित की जाने वाली नई पुनर्वास कॉलोनियों को मात्र रहने वाले मकानों के तौर पर खड़ा नहीं किया जाएगा, बल्कि वहां संपूर्ण सामाजिक विकास को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय, चिकित्सालय, खेल के मैदान और अन्य जरूरी सामुदायिक आवश्यकताओं का पुख्ता इंतजाम किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने नीति की समय-सीमा स्पष्ट करते हुए कहा कि किस झुग्गी झोपड़ी वाले को यह आवास मिलेगा, इसकी पात्रता का निर्धारण 1 जनवरी 2025 की स्थिति को आधार मानकर किया जाएगा।
गरीब कल्याण और सम्मानजनक जीवन का संकल्प
उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार समाज के सबसे पिछड़े तबके के उत्थान और गरीब कल्याण के सिद्धांतों पर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, यह नई और सुदृढ़ पुनर्वास नीति दिल्ली के निर्धन परिवारों को एक सुरक्षित माहौल, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और समाज में एक सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
