बाड़मेर की धरती में छिपे खजाने की तलाश, 8 जिलों में नई फोर्स गठन का ऐलान

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मरुधरा के विकास और औद्योगिक परिदृश्य को नई गति देने के उद्देश्य से कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए हैं। राज्य में दुर्लभ खनिज तत्वों (रेयर अर्थ एलिमेंट्स) की खोज और खनन को रफ्तार देने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए माइनिंग लीज के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इसके तहत बाड़मेर जिले के पचपदरा और शेरगढ़ प्रक्षेत्र के नवातला तथा देवीगढ़ इलाकों में फैले कुल 207.63 वर्ग किलोमीटर के विशाल भूभाग में रेयर अर्थ एलिमेंट्स खनिज ब्लॉक के सघन एक्सप्लोरेशन (खोज कार्य) को हरी झंडी दी गई है। सरकार ने इस एक्सप्लोरेशन का विशेष लाइसेंस मैसर्स सेन्ट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट को अलॉट किया है, जो अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए इस बहुमूल्य खनिज भंडार की मैपिंग करेगी।

आठ नए जिलों में 'नागरिक सुरक्षा कोर' का गठन और मजबूत आपदा प्रबंधन

सूबे में हाल ही में गठित हुए नए जिलों के प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में भी मुख्यमंत्री ने एक बड़ा कदम उठाया है। सीएम भजनलाल शर्मा ने राज्य के 8 नए जिलों में 'नागरिक सुरक्षा कोर' (सिविल डिफेंस) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत बालोतरा, डीडवाना-कुचामन, फलौदी, सलूंबर, खैरथल-तिजारा, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ और ब्यावर जिलों में इस विशेष कोर का गठन किया जाएगा। यह पहल इन नवगठित जिलों में किसी भी प्रकार के आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर एक बेहद मजबूत और त्वरित सुरक्षा तंत्र तैयार करेगी, जिससे संकट के समय आम जनता को तुरंत सहायता पहुंचाई जा सकेगी।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) मामलों के लिए विशेष न्यायालय की स्थापना

राज्य की कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़, प्रभावी और आधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा विधिक निर्णय लिया है। उन्होंने राजस्थान में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जुड़े बेहद संवेदनशील और गंभीर मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए एक 'विशेष न्यायालय' (स्पेशल कोर्ट) की स्थापना करने की आधिकारिक अनुमति दे दी है। इस नए विशेष न्यायालय के अस्तित्व में आने से आतंकवाद, देश विरोधी गतिविधियों और एनआईए के दायरे में आने वाले अन्य संगीन मामलों के न्यायिक निस्तारण में तेजी आएगी, जिससे अपराधियों को समय पर सजा मिल सकेगी और गवाहों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

खनन गतिविधियों को बढ़ावा, न्यायिक सुदृढ़ता और समय पर क्रियान्वयन के निर्देश

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, सरकार द्वारा लिए गए इन तीनों महत्वपूर्ण निर्णयों से प्रदेश के खनन क्षेत्र में बड़ी आर्थिक गतिविधियों को संबल मिलेगा और राजस्व में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही, राज्य की न्यायिक व्यवस्था को एक नया आयाम मिलेगा और आपदा या आपातकाल जैसी विकट परिस्थितियों में शासन के साथ आम जनता की सहभागिता भी सुनिश्चित की जा सकेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संबंधित विभागों के आला अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि इन सभी स्वीकृत प्रस्तावों को धरातल पर बिना किसी देरी के समय सीमा के भीतर लागू किया जाए, ताकि आम जनता को इन जनकल्याणकारी और सुरक्षात्मक फैसलों का सीधा लाभ तुरंत मिलना शुरू हो सके।

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