विकासपुरी में नई सुविधा केंद्र, आधार समेत सभी सेवाएं एक जगह उपलब्ध

नई दिल्ली। देश की राजधानी के पश्चिमी हिस्से में स्थित विकासपुरी इलाके में विशिष्ट पहचान पत्र सेवाओं को और अधिक सुलभ तथा आसान बनाने के उद्देश्य से एक अत्याधुनिक नागरिक सेवा केंद्र की शुरुआत कर दी गई है। इस नए केंद्र के खुल जाने से अब स्थानीय क्षेत्र के लाखों निवासियों को नया पहचान पत्र बनवाने, अपने पूर्व विवरणों में सुधार या अपडेट कराने अथवा इससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए सुदूर क्षेत्रों में स्थित सरकारी कार्यालयों की लंबी कतारों और चक्करों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। इस सर्वसुविधायुक्त केंद्र का भव्य उद्घाटन दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू द्वारा किया गया। इस विशेष अवसर पर उनके साथ दिल्ली सरकार के परिवहन, स्वास्थ्य एवं आईटी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह तथा क्षेत्रीय सांसद कमलजीत सहरावत भी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। यह नया केंद्र राष्ट्रीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के उस राष्ट्रव्यापी विस्तार अभियान का एक अहम हिस्सा है, जिसके अंतर्गत देश की राजधानी में डिजिटल नागरिक सेवाओं के नेटवर्क को और ज्यादा चाक-चौबंद तथा सुदृढ़ बनाया जा रहा है।
डिजिटल गवर्नेंस में पहचान पत्र की भूमिका और बच्चों के बायोमेट्रिक पर विशेष जोर
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने रेखांकित किया कि यह विशिष्ट पहचान पत्र अब महज एक साधारण दस्तावेज या आईडी प्रूफ नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की संपूर्ण डिजिटल शासन व्यवस्था और पारदर्शिता का सबसे मजबूत आधार स्तंभ बन चुका है। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की सब्सिडी सीधे खातों में भेजने (डीबीटी), डिजिटल ई-केवाईसी और अन्य सरकारी पहलों में इसकी उपयोगिता निरंतर बढ़ रही है। इसी के मद्देनजर उन्होंने सभी अभिभावकों से बेहद भावुक अपील की कि वे अपने बच्चों के पहचान पत्र में निर्धारित आयु सीमा पर बायोमेट्रिक विवरणों को समय रहते अनिवार्य रूप से अपडेट कराएं, ताकि आगामी वर्षों में उन्हें किसी भी सरकारी योजना या छात्रवृत्ति का लाभ उठाने में कोई प्रशासनिक अड़चन न आए। इस दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने भी विचार रखते हुए कहा कि विकासपुरी में इस सुविधा के शुरू होने से पश्चिमी दिल्ली की जनता के समय और श्रम दोनों की बड़ी बचत होगी। उन्होंने यह भी साझा किया कि सरकार अब नवजात शिशुओं के जन्म पंजीकरण की प्रक्रिया को सीधे उनके पहले पहचान पत्र नामांकन से जोड़ने की एक विशेष योजना पर भी तेजी से काम कर रही है।
पूरी तरह वातानुकूलित अत्याधुनिक ढांचा और टोकन प्रणाली से मिलेंगी नागरिक सुविधाएं
विकासपुरी का यह नया आधिकारिक केंद्र पूरी तरह से वातानुकूलित और आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जहां आने वाले नागरिकों को कतारों से बचाने के लिए एक सुव्यवस्थित टोकन सिस्टम लागू किया गया है। इस केंद्र के माध्यम से आम जनता को कई तरह की जरूरी सुविधाएं एक ही छत के नीचे प्रदान की जाएंगी, जिनमें नए कार्ड के लिए पंजीकरण कराना, उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट), आंखों की पुतलियों (आइरिस) और नवीनतम फोटो को डेटाबेस में अपडेट कराना मुख्य रूप से शामिल है। इसके अतिरिक्त, नागरिक यहां आकर अपने नाम की स्पेलिंग, स्थायी पता, जन्मतिथि, चालू मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी में भी आवश्यक संशोधन या सुधार करवा सकेंगे। सरकार की नीति के अनुसार, 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा यहां पूरी तरह से निशुल्क रहेगी तथा लोग अपना ई-कार्ड डाउनलोड और प्रिंट भी करा सकेंगे। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि बहुत जल्द मध्य दिल्ली और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के क्षेत्रों में भी ऐसे ही नए और बड़े सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेकर जाने की सुविधा पहले से ही बहाल रहेगी।
स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह और बेहतर क्षेत्रीय सुविधा की सराहना
इस बहुप्रतीक्षित केंद्र के धरातल पर क्रियाशील होने से विकासपुरी और उसके आस-पास की कॉलोनियों में रहने वाले आम नागरिकों में भारी उत्साह और प्रसन्नता देखी जा रही है। क्षेत्र की निवासी डिंपल ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब इस पहचान पत्र से जुड़े तमाम जरूरी और तकनीकी काम उनके घर के नजदीक एक ही परिसर में आसानी से संपन्न हो जाएंगे, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक कर्मवीर शेखर ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि आज के आधुनिक दौर में बैंकिंग से लेकर राशन तक हर छोटे-बड़े सरकारी और गैर-सरकारी काम में इस विशिष्ट पहचान पत्र की अनिवार्यता बेहद जरूरी है, ऐसे में स्थानीय स्तर पर इतनी बेहतर और पारदर्शी सुविधा का मिलना पूरे क्षेत्र के विकास और सहूलियत के लिए वास्तव में बेहद उपयोगी और सराहनीय कदम साबित होगा।
