टेंडर घोटाले की जांच तेज, दो IAS अधिकारियों समेत कंपनी निदेशक के ठिकानों पर पड़ताल

पटना। सरकारी टेंडरों में बड़े पैमाने पर चल रहे कमीशनखोरी के खेल को लेकर स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। प्रशासनिक हलकों में रसूख रखने वाले मुख्य आरोपी रिशुश्री से पूछताछ के बाद इस सिंडिकेट की परतें खुलने लगी हैं। जांच के दौरान आरोपी द्वारा जिन आला अधिकारियों को अपने करीबियों की तरह संबोधित किया गया था, अब वे सीधे तौर पर जांच के घेरे में आ चुके हैं। इसी कड़ी में सरकार द्वारा पूर्व में निलंबित किए जा चुके आईएएस अधिकारी योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा के ठिकानों पर विजिलेंस की टीम ने छापेमारी कर सघन जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा, इस घोटाले से जुड़ी कंपनी 'मातृसवा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड' के डायरेक्टर पवन कुमार के घर पर भी दबिश दी गई है।
आईएएस अभिलाषा शर्मा के आवास पर छानबीन और विदेश यात्रा का सच
विशेष सतर्कता इकाई की टीम ने बेली रोड स्थित आईएएस अभिलाषा शर्मा के सरकारी बंगले पर छापा मारा है। जांच एजेंसी मुख्य रूप से अधिकारी के विदेश दौरों और पर्यटन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है, क्योंकि पूर्व में उनके विदेश जाने की खबरें चर्चा में थीं। हालांकि, अब तक एसवीयू को उनके आधिकारिक रूप से विदेश जाने के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं, जिसके चलते उनके पासपोर्ट की भी गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा इस बात का पता लगाया जा रहा है कि उनकी इन यात्राओं का पूरा खर्च क्या रिशुश्री द्वारा स्पॉन्सर किया गया था और क्या रिशुश्री की निजी डायरी में लिखे गए महंगे उपहार अभिलाषा शर्मा को ही दिए गए थे।
आईएएस योगेश सागर के ठिकाने पर दो दर्जन सवालों के साथ दबिश
रिशुश्री के मोबाइल चैट और अन्य दस्तावेजों से नाम सामने आने के बाद बिना किसी कारण बताओ नोटिस के सीधे सस्पेंड किए गए आईएएस योगेश सागर के आईएएस कॉलोनी स्थित आवास (मकान नंबर E-2/10) पर भी विजिलेंस ने अपनी जांच बिठा दी है। निलंबन के करीब 20 दिनों बाद हुई इस कार्रवाई में जांच एजेंसी लगभग दो दर्जन से अधिक तीखे सवालों की सूची के साथ पहुंची है। एसवीयू यह जानने का प्रयास कर रही है कि योगेश सागर के कार्यकाल के दौरान उनके विभागों में रिशुश्री का यह सिंडिकेट किस तरह काम कर रहा था और इसके बदले में किस प्रकार के वित्तीय लाभों का आदान-प्रदान किया गया।
मातृस्वा इंफ्रा के निदेशक के घर पर महत्वपूर्ण दस्तावेजों की खोज
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के तत्काल बाद जिस कंपनी के कार्यालयों पर नजर रखी जानी चाहिए थी, वहां काफी देरी से कार्रवाई शुरू हुई। 28 मई को हुई मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के काफी दिनों बाद अब जाकर एसवीयू की टीम बेउर की एसके विहार कॉलोनी में स्थित 'मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड' के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन कुमार के निवास स्थान पर पहुंची है। फिलहाल, इस ठिकाने से सरकारी टेंडरों से जुड़े अहम कागजात, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों को इकट्ठा करने के साथ-साथ निदेशक से पूछताछ का सिलसिला जारी है।
