ग्रामीण भारत में नई पहल: 100+ एरिया ऑफिसर तैनात करेगी सरकार

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार 1 जुलाई 2026 से एक ऐतिहासिक योजना 'विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी वीबी-जी राम जी (VB-GRAM G) कानून को लागू करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी मिशन को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से उतारने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय 100 से अधिक एरिया अफसरों को सीधे फील्ड में तैनात करेगा।
हर जिले में पहुंचेंगे रिसोर्स पर्सन
मंत्रालय के अनुसार, ये एरिया अफसर रोलआउट के दौरान राज्यों और जिला प्रशासनों के लिए सुविधादाता (फैसिलिटेटर) और रिसोर्स पर्सन के रूप में काम करेंगे। इनका मुख्य काम स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक क्षमताओं को मजबूत करना, जानकारी का आदान-प्रदान करना, कामकाज की चुनौतियों को दूर करना और बेहतर कार्यप्रणालियों को लागू करवाना होगा।
गांव-गांव जाकर जमीनी जरूरतों को समझेंगे अफसर
ये अधिकारी सीधे ग्रामीण इलाकों का दौरा करेंगे और जमीनी स्तर के कर्मचारियों व अधिकारियों से बातचीत करेंगे। इससे उन्हें योजना को लागू करने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों और स्थानीय आवश्यकताओं को समझने में मदद मिलेगी। इस पहल से विभिन्न विभागों और हितधारकों (Stakeholders) के बीच तालमेल मजबूत होगा, जिससे नए फ्रेमवर्क में ढलना आसान हो जाएगा।
27 राज्यों ने पहले ही तैयार किया बजट
इस कानून को लेकर देश के राज्यों में भारी उत्साह है। अब तक लगभग 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इसे लागू करने के लिए अपने बजट की व्यवस्था कर ली है। इसके अलावा, छह राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने वीबी-जी राम जी फ्रेमवर्क के तहत अपनी राज्य योजनाओं को अधिसूचित (नोटिफाई) भी कर दिया है। बाकी राज्य भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
सिर्फ मजदूरी नहीं, 2047 के विजन की नींव
यह सिर्फ एक रोजगार योजना नहीं है, बल्कि 'विकसित भारत 2047' के सपने को सच करने की नींव है। वीबी-जी राम जी कानून, 2025 का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को टिकाऊ और समावेशी बनाना है। इसके तहत गारंटीड मजदूरी के साथ-साथ आजीविका बढ़ाने, जलवायु अनुकूलन (क्लाइमेट-स्मार्ट विलेज), ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण और तकनीक-आधारित गवर्नेंस पर विशेष जोर दिया जाएगा।
GIS प्लानिंग से बदलेगी गांवों की तस्वीर
गांवों के विकास के लिए 'विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं' (VGPPs) और जीआईएस (GIS) आधारित अत्याधुनिक मैपिंग प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। विभिन्न सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़कर (कन्वर्जेंस के जरिए) गांवों की पूरी तस्वीर बदलने की तैयारी है। मंत्रालय को उम्मीद है कि 'एरिया ऑफिसर पहल' से राज्यों को शुरुआती क्रियान्वयन चरण में बेहतरीन तकनीकी और संस्थागत सहयोग मिलेगा।
