दिल्ली में नाबालिग हत्या का आरोपी कैब ड्राइवर निकला नपुंसक, पहले से दर्ज हैं 5 FIR

नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली में 11 साल की बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में पकड़े गए कैब ड्राइवर ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने बताया कि वह वारदात से करीब 15 दिन पहले ही बिहार से दिल्ली वापस आया था।
पुलिस के सामने आरोपी ने कबूल किया कि उसने मासूम के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की थी, लेकिन शारीरिक अक्षमता (इरेक्टाइल डिस्फंक्शन) की वजह से वह इसमें नाकाम रहा। मेडिकल जांच में भी आरोपी की इस शारीरिक स्थिति की पुष्टि हुई है। हालांकि, जांच टीम के सामने एक बड़ी पहेली खड़ी हो गई है क्योंकि बिहार में आरोपी के दो बेटे हैं (एक चार साल का और दूसरा छह महीने का)। ऐसे में पुलिस मेडिकल रिपोर्ट की कड़ियों को सुलझाने में जुटी है। आरोपी पर बिहार में पहले से ही हत्या के प्रयास सहित पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं।
'थोड़ा घुमाकर छोड़ दूंगा' कहकर गाड़ी में सुलाया
पुलिस जांच के मुताबिक, 29 वर्षीय आरोपी बाशू कुमार सिंह ने 22 जून की सुबह मेहरौली के छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास से फुटपाथ पर सो रही बच्ची को अगवा किया था। वह मासूम को उठाकर अपनी हैचबैक कार में ले गया। जब बच्ची जागी तो आरोपी ने उसे बहलाते हुए कहा कि वह उसे थोड़ा घुमाकर वापस घर छोड़ देगा। आरोपी की बातों पर भरोसा करके बच्ची कार में दोबारा सो गई।
जंगल में ले जाकर की हत्या, पत्थरों के नीचे छिपाया शव
बाशू मासूम को कार में लेकर मंडी रोड की तरफ करीब 10-12 किलोमीटर आगे निकल गया। वहां उसने वारदात की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहने के बाद उसने बच्ची को धमकी दी कि अगर वह चिल्लाई तो उसे जान से मार देगा। इसके बाद वह उसे फरीदाबाद-गुरुग्राम बॉर्डर के पास एक सुनसान जंगली इलाके में ले गया, जहाँ उसने बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को पत्थरों के ढेर के नीचे छुपा दिया।
पिता ने डंडा मारकर रोकने की कोशिश की थी
घटना के वक्त पीड़ित परिवार के पांच सदस्य फुटपाथ पर एक कतार में सो रहे थे। बच्ची अपनी मां, आंटी, भाई और पिता के बीच सुरक्षित सो रही थी। आरोपी ने चालाकी से कार का पिछला दरवाजा उनके ठीक बगल में खोला और कुछ देर देखने के बाद बच्ची को उठाकर गाड़ी में डाल लिया। कार चलने पर जब बच्ची ने पिता को आवाज लगाई, तो पिता जाग गए और उन्होंने डंडा फेंककर कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपी तेजी से कैब लेकर फरार हो गया।
सीसीटीवी फुटेज से पकड़ा गया आरोपी
वारदात के बाद पिता पुलिस को सिर्फ इतनी जानकारी दे पाए थे कि गाड़ी की नंबर प्लेट पीले रंग की थी। इसके बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी की पहचान की। चौंकाने वाली बात यह है कि शव को ठिकाने लगाने के बाद आरोपी गुरुग्राम स्थित अपने किराए के कमरे पर गया, कपड़े बदले और कुछ ही घंटों बाद सामान्य रूप से दोबारा कैब चलाने लगा।
कैब कंपनियों को नोटिस और सख्त कानूनी कार्रवाई
मूल रूप से बिहार के खगड़िया का रहने वाला बाशू पिछले पांच सालों से दिल्ली में रह रहा था और 2023 से कैब चला रहा था। दिल्ली पुलिस अब उन तीन बड़ी कैब कंपनियों (एग्रीगेटर्स) को नोटिस जारी करने जा रही है, जिनके साथ वह काम करता था। पुलिस उनसे आरोपी के पुलिस वेरिफिकेशन और ऑनबोर्डिंग से जुड़े दस्तावेज मांगेगी।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश में आरोपी के पैर में गोली भी लगी थी, जिसका अलग से केस दर्ज है। पुलिस इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
