सुरक्षा घेरे को भेदकर शहर में दाखिल हुए निहंग, देहरादून में बढ़ी चिंता

देहरादून: उत्तराखंड के कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग में हुई हालिया घटनाओं के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद तनाव का माहौल है। इसके जवाब में चंडीगढ़ से हिमाचल के रास्ते उत्तराखंड की ओर कूच कर रहे करीब 200 निहंगों को रोकने के लिए देहरादून पुलिस ने हिमाचल सीमा से लगे कुल्हाल चेक पोस्ट पर कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों, वाहनों की जांच और बैरिकेडिंग के साथ-साथ प्रेमनगर क्षेत्र में भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

सुरक्षा घेरा तोड़कर शहर में घुसा जत्था

पुलिस की इस भारी मुस्तैदी और दावों के बावजूद निहंगों का एक जत्था सुरक्षा घेरे को चकमा देकर देहरादून शहर के भीतर दाखिल हो गया। मुख्य मार्गों पर चौकसी होने के कारण यह जत्था वैकल्पिक और अंदरूनी रास्तों का इस्तेमाल करते हुए शहर के काफी अंदर तक पहुंच गया। जब निहंगों की यह टोली पटेलनगर थाना क्षेत्र तक आ गई, तब जाकर पुलिस प्रशासन को इसकी भनक लगी। सीमा पर इतनी सख्त पहरेदारी होने के बाद भी जत्थे का शहर के बीचों-बीच पहुंच जाना पुलिस के खुफिया तंत्र, घेराबंदी और आपसी तालमेल की बड़ी नाकामी को दर्शाता है।

बातचीत के बाद जत्था वापस लौटा, चौकसी बढ़ी

निहंगों के शहर में प्रवेश की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर भारी फोर्स तैनात की गई। पुलिस अधिकारियों ने निहंगों के इस जत्थे को पटेलनगर में ही रोक लिया। इसके बाद पुलिस और जत्थे के बीच काफी देर तक बातचीत और समझाइश का दौर चला, जिसके बाद उन्हें शहर से वापस भेज दिया गया। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि निहंगों को वापस भेज दिया गया है और फिलहाल पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है। हालांकि, सीमा पर मुस्तैदी के बावजूद हुए इस घटनाक्रम से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है और पुलिस अब हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रही है।

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