दिल्ली में नकली कॉल सेंटर पर पुलिस का छापा, दो आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली: देश की राजधानी में साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े को उजागर करते हुए एक्सपोर्ट (निर्यात) कारोबारियों को चूना लगाने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह व्यापारियों को विदेशों से खरीदार और बड़े आर्डर दिलाने का लालच देकर ठगता था। पुलिस ने इस कार्रवाई में कॉल सेंटर के दो मुख्य संचालकों को दबोच लिया है, जबकि 16 टेली-कॉलर्स (जिसमें 14 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं) को हिरासत में लिया गया है।
मास्टरमाइंड समेत दो आरोपी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद
पकड़े गए मुख्य आरोपियों की पहचान उत्तम नगर निवासी प्रदीप कुमार (मास्टरमाइंड) और उसके सहयोगी सैम्मी कुमार गिरी के रूप में हुई है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान घटना स्थल से ठगी में इस्तेमाल होने वाले डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें 20 मोबाइल फोन, 35 सिम कार्ड, 6 लैपटॉप, 9 सीपीयू और एक डेबिट कार्ड शामिल हैं।
वेबसाइट और पैकेज के नाम पर ऐसे फंसाते थे जाल में
साइबर सेल के उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस 'India2Exports.com' नाम की एक संदिग्ध वेबसाइट तक पहुँची। जांच में सामने आया कि आरोपी कंपनी के नुमाइंदे बनकर कारोबारियों को फोन करते थे। शुरुआत में वे रजिस्ट्रेशन के नाम पर ₹5,000 लेते थे। इसके बाद झांसा बढ़ाकर 'एक्सपोर्ट सर्विस पैकेज' के नाम पर ₹19,780 और 'ग्लोबल गैप/ट्रस्ट सर्टिफिकेशन' जैसी कागजी औपचारिकताओं के बहाने ₹41,300 तक ऐंठ लेते थे।
विदेशी खरीदार बनकर करते थे फर्जी चैट
यह गिरोह पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाता था। आरोपी इंटरनेशनल व्हाट्सएप नंबरों का इस्तेमाल करते थे और खुद को विदेशी खरीदार (बायर) के रूप में पेश करते थे। वे नकली चैट और फर्जी दस्तावेज दिखाकर कारोबारियों को यकीन दिलाते थे कि उनका एक्सपोर्ट आर्डर तैयार हो रहा है। जैसे ही रकम उनके खाते में ट्रांसफर होती थी, वे या तो संपर्क तोड़ देते थे या फिर नए बहानों से और पैसों की मांग करने लगते थे।
19 शिकायतें आईं सामने, बढ़ सकता है ठगी का आंकड़ा
पुलिस के अनुसार, अब तक की शुरुआती जांच में देश के विभिन्न राज्यों से इस गिरोह के खिलाफ 19 शिकायतें सीधे तौर पर जुड़ी पाई गई हैं, जिनमें करीब 10.57 लाख रुपये के फ्रॉड की बात सामने आई है। फिलहाल जब्त किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की बारीकी से फॉरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में पीड़ितों की संख्या और ठगी गई कुल रकम का आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है।
