रातभर चली जियारत और दुआओं का सिलसिला, आज शहरभर में निकलेंगे मुहर्रम जुलूस

आगरा: ताजनगरी के टीला पाय चौकी स्थित इमामबाड़े में ऐतिहासिक फूलों के ताजिए के दर्शन (जियारत) के लिए रातभर जायरीनों की भारी भीड़ उमड़ती रही। अकीदतमंदों द्वारा गुलपोशी (फूल चढ़ाने) और तबर्रुक पेश करने का सिलसिला लगातार जारी रहा, जहां लोगों ने हाथ उठाकर अपनी मन्नतें और दुआएं मांगीं। इसी कड़ी में शुक्रवार को आगरा शहर के विभिन्न हिस्सों में रखे गए ताजियों को पूरी अकीदत के साथ अलग-अलग कर्बलाओं में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। कर्बला के शहीदों की याद में निकलने वाले इन जुलूसों में पारंपरिक अखाड़ेबाजी और कलाबाजियों के प्रदर्शन होंगे, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने जुलूस के रास्तों पर सुरक्षा के कड़े और व्यापक इंतजाम किए हैं।

देर रात चढ़ाए गए गुलाब के फूल, अलम के जुलूस ने दी हाजिरी

परंपरा के अनुसार, रात करीब साढ़े ग्यारह बजे जैसे ही ताजिए पर गुलाब के फूल अर्पित किए गए, वैसे ही जियारत करने वालों का उत्साह और बढ़ गया। इस दौरान मेवा कटरा से निकला अलम का जुलूस भी विशेष रूप से फूलों के ताजिए पर हाजिरी देने के लिए पाया चौकी पहुंचा। इस जुलूस का नेतृत्व खानकाह कादरिया चिश्तिया नियाजिया (मेवा कटरा) के सज्जादानशीन सय्यद मोहम्मद अजमल अली शाह ने किया।

इसके बाद रात लगभग एक बजे शिया समुदाय के अजादारों ने बेहद गमगीन माहौल में मातम परसा किया। स्थानीय निवासी चौधरी सरफराज खान ने जानकारी दी कि इस ऐतिहासिक फूलों के ताजिए के आगे बढ़ने के बाद ही शहर के अन्य ताजियों के जुलूस अपनी मंजिलों की तरफ रवाना होंगे। इस फूलों के ताजिए को न्यू आगरा स्थित कर्बला में दफनाया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में जुएब खान, रोहिल खान, हारिस खान, सोहेल खान, फरहानुद्दीन और मोहम्मद जमींल ने सक्रिय सहयोग दिया।

पारंपरिक मार्गों से गुजरा अलम मुबारक का जुलूस

दूसरी तरफ, मेवा कटरा से निकाला गया परंपरागत अलम मुबारक का जुलूस अपने तय रास्तों—फव्वारा चौक, हॉस्पिटल रोड, गुड़ की मंडी, फुलट्टी बाजार और तिलक बाजार से होता हुआ पाए चौकी स्थित फूलों वाले ताजिए पर आकर संपन्न हुआ। मोहम्मद अजमल अली शाह कादरी की सदारत में निकले इस जुलूस में अजादारों ने कर्बला के शहीदों की याद में भावपूर्ण नौहे (शोक गीत) पढ़े। जुलूस में मुख्य रूप से सैयद शबर अली शाह, सैयद नकी अली शाह, सलमान अहमद शाह, सैयद इरफान अहमद, सैयद सलीम, समी आगाई, चांद बाबू, अनवर, हाजी इलियास, अख्तर वारसी और जाहिद हुसैन समेत कई लोग शामिल रहे।

आकर्षण का केंद्र बनी 'मस्जिद-ए-नबी' की खूबसूरत झांकी

गम-ए-मौला इमाम हुसैन की याद में टीला पाया चौकी पर अबुल उलाई शेख कमेटी के बुंदन मियां की तरफ से 'मस्जिद-ए-नबी' की एक बेहद खूबसूरत और रूहानी झांकी सजाई गई। इस पाक झांकी के दर्शन के लिए भी बड़ी तादाद में आम और खास लोग पहुंचे। इस मौके पर हाजी मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद मुबीन, राजा, मोहम्मद जावेद, मोहसिन, मोहम्मद अयान और मोहम्मद सायन सहित मोहल्ले के तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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