चलती AC स्लीपर बस में लगी भीषण आग, यात्रियों ने कूदकर बचाई अपनी जान

मेरठ। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर शुक्रवार सुबह एक बड़ा और खौफनाक हादसा हो गया। जयपुर से हरिद्वार जा रही राजस्थान रोडवेज की एक डबल डेकर एसी बस धूं-धूं कर जल उठी। आग इतनी विकराल थी कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस कंकाल में तब्दील हो गई और उसका काला धुआं करीब दो किलोमीटर दूर से साफ नजर आ रहा था। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी 26 यात्री बाल-बाल बच गए, जिन्होंने खिड़कियों और आपातकालीन रास्तों से कूदकर अपनी जान बचाई। हालांकि, अफरा-तफरी के कारण यात्रियों का लाखों रुपये का कीमती सामान जलकर खाक हो गया।
बाइक सवार की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जयपुर के सूर्य नगर निवासी ड्राइवर राजेंद्र कुमार और कंडक्टर रामकुमार हुड्डा गुरुवार रात करीब 10 बजे बस लेकर जयपुर से रवाना हुए थे। शुक्रवार सुबह करीब 7:15 बजे जब बस मेरठ और मुजफ्फरनगर बॉर्डर के पास दादरी फ्लाईओवर से उतर रही थी, तभी उसके पिछले हिस्से में लगे एसी (AC) के वायरिंग सिस्टम में शॉर्ट सर्किट हो गया। बस से लपटें उठती देख पीछे से आ रहे एक बाइक सवार ने मुस्तैदी दिखाई। उसने तुरंत ओवरटेक कर चिल्लाते हुए ड्राइवर को आग की जानकारी दी।
चीख-पुकार के बीच शीशे खोलकर कूदे लोग
आग की भनक लगते ही ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को तुरंत हाईवे के किनारे रोक दिया। बस के केबिन में धुआं भरता देख यात्रियों में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार शुरू हो गई। मुख्य दरवाजा छोटा होने के कारण जब बाहर निकलने में दिक्कत हुई, तो युवाओं और पुरुष यात्रियों ने बस की खिड़कियां और शीशे खोलकर बाहर छलांग लगानी शुरू कर दी। महज 2 से 3 मिनट के भीतर महिलाएं और बुजुर्गों समेत सभी 26 यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
सामान निकालने की कोशिश में फटा एसी का पाइप
सभी सवारियों के सुरक्षित बाहर आने के बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने हिम्मत दिखाकर बस की डिग्गी खोली ताकि लोगों के बैग निकाले जा सकें। उन्होंने अभी 2-3 बैग ही बाहर खींचे थे कि अचानक एसी का गैस पाइप फट गया। धमाके के साथ आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे चालक और परिचालक को पीछे हटना पड़ा। इसके चलते डिग्गी में रखे बाकी सभी सूटकेस, कीमती सामान और कपड़े जलकर राख हो गए।
दमकल की 4 गाड़ियों ने 2 घंटे में बुझाई आग
हादसे के चलते दिल्ली-देहरादून हाईवे पर वाहनों के पहिये थम गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह करीब 7:30 बजे सूचना मिलते ही मेरठ, सरधना और मुजफ्फरनगर से दमकल की 4 गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। हालांकि, 20 मिनट में बस पूरी तरह जल चुकी थी, लेकिन उसके ढांचे में सुलग रही आग को पूरी तरह शांत करने में फायर ब्रिगेड की टीम को करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
यात्रियों को दूसरी बस से भेजा गया हरिद्वार
हादसे के बाद मेरठ पुलिस और उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने डरे-सहमे यात्रियों को ढांढस बंधाया और उनके लिए नाश्ते व पानी की व्यवस्था की। इसके बाद मानवीय मदद करते हुए सभी 26 यात्रियों को दूसरी सुरक्षित बस में बैठाकर उनके गंतव्य हरिद्वार के लिए रवाना किया गया।
