निगमायुक्त का आदेश—कार्यालय से ज्यादा मैदान में समय बिताएं अधिकारी-कर्मचारी

जबलपुर: संस्कारधानी की बुनियादी व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने और आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए नगर निगम प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने निगम मुख्यालय में सभी आला अधिकारियों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। इस मैराथन बैठक के दौरान शहर की पेयजल व्यवस्था, रोजाना होने वाली सफाई, स्ट्रीट लाइट्स और फायर सेफ्टी जैसे अति आवश्यक मुद्दों पर बिंदुवार गहन मंथन किया गया। निगमायुक्त ने बैठक में साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जनता को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की क्वालिटी में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर आयुक्त वी. एन. बाजपेई, अशफाक परवेज कुरैशी, सौरभ मिश्रा और अंजू सिंह सहित तमाम उपायुक्त, सहायक आयुक्त और सभी विभागों के अध्यक्ष मुख्य रूप से मौजूद रहे। निगमायुक्त ने सभी जिम्मेदारों को सख्त लहजे में हिदायत दी है कि अब वे केवल दफ्तरों में बैठकर फाइलें न दौड़ाएं, बल्कि सुबह और शाम अनिवार्य रूप से फील्ड में जाकर चल रहे विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन करें।

फाइलों के बजाय धरातल पर दिखेगा बदलाव, अफसरों की आपसी ट्यूनिंग पर जोर

निगमायुक्त ने दो टूक लहजे में साफ कर दिया है कि समस्याओं का निपटारा अब कागजों के बजाय सीधे जमीन पर दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय और बेहतर तालमेल के साथ काम करना होगा, जिससे आम नागरिकों की रोजमर्रा की शिकायतों का मौके पर ही तुरंत निपटारा किया जा सके। गर्मियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए उन्होंने जलापूर्ति विभाग को सख्त निर्देश दिए कि शहर के प्रत्येक वार्ड, मोहल्ले और अंतिम गली तक बिना किसी रुकावट के पर्याप्त और शुद्ध पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही स्वच्छता व्यवस्था को लेकर डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और मुख्य चौराहों की नियमित सफाई को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन का मानना है कि जब बड़े अधिकारी खुद सुबह-सुबह सड़कों पर मुस्तैद रहेंगे, तो सफाई कर्मचारियों के काम की गति और गुणवत्ता दोनों में अपने आप बड़ा सुधार आएगा, जिससे निगम की पूरी कार्यशैली को एक नई और सकारात्मक दिशा मिलेगी।

अंधेरे से मुक्त होगा शहर, आपातकालीन सुरक्षा के लिए फायर टीम रहेगी अलर्ट

जबलपुर नगर निगम ने अब यह संकल्प लिया है कि शहर के किसी भी मुख्य मार्ग या आंतरिक रिहायशी इलाके को अंधेरे के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा। इसी क्रम में निगमायुक्त ने शहरभर की बंद पड़ी और खराब स्ट्रीट लाइट्स को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर तत्काल ठीक करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। वहीं दूसरी तरफ आपदा प्रबंधन और फायर सेफ्टी को लेकर उन्होंने कहा कि अग्निशमन दल के साथ-साथ सभी आपातकालीन जीवन रक्षक उपकरणों को चौबीसों घंटे पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा जाए, ताकि कहीं भी अनहोनी या अग्निकांड जैसी दुर्घटना होने पर बिना समय गंवाए त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जा सके। बैठक में मौजूद सभी जोनल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में इन दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शीर्ष नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वे खुद अचानक फील्ड का औचक निरीक्षण करेंगे और यदि किसी भी स्तर पर काम में सुस्ती या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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