UP News: कासगंज में बड़ा विमान हादसा, निर्माणाधीन हाईवे पर क्रैश हुआ ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट

कासगंज| उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में सोमवार को एक बड़ा विमान हादसा सामने आया है, जहां एक ट्रेनी एयरक्राफ्ट (प्रशिक्षण विमान) अचानक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह दर्दनाक हादसा कासगंज के क्यामपुर बहेडिया भड़रिया इलाके में उस वक्त हुआ, जब उड़ान भर रहा विमान तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से सीधे एक निर्माणाधीन हाईवे पर जा गिरा। विमान के गिरते ही जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई।
महिला ट्रेनी पायलट को आई गंभीर चोटें, अस्पताल में भर्ती
मिली जानकारी के मुताबिक, इस दुर्घटनाग्रस्त एयरक्राफ्ट को एक महिला ट्रेनी पायलट उड़ा रही थीं, जो विमान में अकेली सवार थीं। विमान के क्रैश होने के कारण उन्हें शरीर में कई जगह गंभीर चोटें आई हैं। हादसे की भयावहता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत पुलिस और जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची राहत और बचाव दल की टीम ने लहूलुहान महिला पायलट को मलबे से बाहर निकाला। उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार देने के बाद नजदीकी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, महिला पायलट की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
घटनास्थल पर उमड़ी भारी भीड़, पुलिस ने संभाला मोर्चा
जैसे ही जंगलों और खेतों के रास्ते विमान गिरने की खबर फैली, आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। निर्माणाधीन हाईवे पर बढ़ती भीड़ और हंगामे को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से पूरी जगह की बैरिकेडिंग कर दी गई है और किसी भी आम नागरिक को दुर्घटनाग्रस्त विमान के मलबे के पास जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। स्थानीय प्रशासन द्वारा नागरिक उड्डयन विभाग और संबंधित विमानन अधिकारियों को हादसे की लिखित सूचना भेज दी गई है।
विमान क्रैश होने के कारणों की तलाश में जुटी एक्सपर्ट टीम
शुरुआती तौर पर विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और विमानन नियामक एजेंसियों के विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह हादसा इंजन फेल होने जैसी किसी बड़ी तकनीकी खराबी के कारण हुआ या फिर इसके पीछे मौसम व कोई अन्य मानवीय चूक थी।
जांच दल एयरक्राफ्ट के मलबे और फ्लाइट डेटा की बारीकी से पड़ताल कर रहा है। इसके साथ ही, डॉक्टरों से हरी झंडी मिलने और हालत स्थिर होने के बाद घायल महिला पायलट का बयान भी दर्ज किया जाएगा, जिससे हादसे के वक्त की सही स्थिति स्पष्ट हो सके।
निर्माणाधीन हाईवे होने से टला बहुत बड़ा हादसा
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। हालांकि, इस पूरे वाकये में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि यह ट्रेनी एयरक्राफ्ट एक निर्माणाधीन हाईवे पर गिरा। अगर यह विमान किसी रिहायशी इलाके, घनी आबादी वाली बस्ती या किसी चालू व्यस्त सड़क पर गिरा होता, तो जमीन पर भी कई लोग इसकी चपेट में आ सकते थे और जान-माल का एक बहुत बड़ा नुकसान हो सकता था। चूंकि हाईवे पर अभी निर्माण कार्य चल रहा था, इसलिए वहां वाहनों और राहगीरों की आवाजाही न के बराबर थी, जिसकी वजह से एक भीषण त्रासदी होने से टल गई। फिलहाल पुलिस और नागरिक उड्डयन विभाग की टीमें स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
