महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर, सचिन अहिर ने थामा शिंदे गुट का दामन

मुंबई: महाराष्ट्र विधानपरिषद के उपसभापति चुनाव को लेकर राज्य का सियासी तापमान अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है. महाविकास आघाड़ी (MVA) की ओर से जे.एम. अभ्यंकर को मैदान में उतारे जाने के बीच, उद्धव ठाकरे के बेहद खास माने जाने वाले विधान परिषद सदस्य सचिन अहिर ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में महायुति के उम्मीदवार के तौर पर पर्चा दाखिल कर दिया है. इस चौंकाने वाले घटनाक्रम के बाद राज्य में बयानों और तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है. समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शैख ने इस पर अपनी गंभीर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सचिन अहिर का इस तरह जाना महाविकास आघाड़ी के लिए एक बहुत बड़ा सेटबैक यानी करारा झटका है. उन्होंने खुलासा किया कि सोमवार, 29 जून तक सचिन अहिर खुद एमवीए की महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल थे. इसके साथ ही उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) को आत्मचिंतन करने की सलाह देते हुए आरोप लगाया कि राज्य में पैसे के दम पर विधायकों को खरीदने का खेल चल रहा है.

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में नामांकन, उद्धव गुट ने जताई हैरानी

सचिन अहिर ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सुनेत्रा पवार जैसे महायुति के शीर्ष नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति में उपसभापति पद के लिए अपना आधिकारिक नामांकन पत्र जमा किया. इस अप्रत्याशित कदम से उद्धव खेमे में भारी खलबली मची हुई है. शिवसेना (यूबीटी) के विधायक महेश सावंत ने इस पूरे घटनाक्रम पर दुख और हैरानी जताते हुए कहा कि सचिन अहिर का जाना निश्चित रूप से पार्टी के लिए एक बड़ा आघात है, क्योंकि उद्धव ठाकरे ने उन्हें हमेशा सब कुछ दिया और उच्च सम्मान प्रदान किया. अब वे किन कारणों से पार्टी छोड़कर गए हैं, इसका जवाब सिर्फ वही दे सकते हैं. महेश सावंत ने यह भी साफ किया कि वर्ली विधानसभा क्षेत्र में भले ही आदित्य ठाकरे के सामने अब एक नया राजनीतिक समीकरण खड़ा हो गया हो, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि सचिन अहिर कभी सीधे तौर पर आदित्य ठाकरे के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरेंगे.

सदन में महायुति का पलड़ा भारी, 'ऑपरेशन टाइगर' के अगले चरण का दावा

दूसरी तरफ, सचिन अहिर के आने से उत्साहित शिंदे गुट के खेमे में जश्न का माहौल है. शिवसेना विधायक मुरजी पटेल ने इस राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी बेबाक राय रखते हुए कहा कि उन्होंने शिवसेना के स्थापना दिवस पर ही यह भविष्यवाणी कर दी थी कि बहुत जल्द राज्य में 'ऑपरेशन टाइगर 3 और 4' देखने को मिलेगा. उन्होंने सचिन अहिर का पार्टी में गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है और जल्द ही अगला चरण भी सामने आएगा, जिसके बाद उद्धव ठाकरे के पास गिने-चुने लोग ही शेष रह जाएंगे. गौरतलब है कि आगामी बुधवार, 1 जुलाई को होने वाले इस उपसभापति चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन की अंतिम प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. चूंकि विधानपरिषद के सदन में इस समय महायुति गठबंधन के पास बेहद मजबूत और स्पष्ट संख्याबल मौजूद है, इसलिए इस बेहद महत्वपूर्ण पद पर सचिन अहिर की जीत को पूरी तरह सुनिश्चित माना जा रहा है.

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