हमले के विरोध में सड़क पर उतरे समर्थक, आरोपियों की गिरफ्तारी तक हाईवे पर प्रदर्शन

जालौर:राजस्थान के जालौर जिले के सियाणा क्षेत्र में बुधवार की शाम उस समय भारी तनाव फैल गया, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा के जिला प्रवक्ता नटवर सिंह राजपुरोहित पर कुछ अज्ञात बदमाशों ने कथित तौर पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में भाजपा नेता गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें नाजुक हालत में प्राथमिक उपचार के बाद उच्च स्तरीय इलाज के लिए सिरोही रेफर किया गया है। इस दुस्साहसिक वारदात की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर जालौर-सिरोही हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया और सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा 15 घंटे के भीतर प्रभावी कार्रवाई करने के कड़े आश्वासन के बाद ही प्रदर्शनकारी शांत हुए और धरना समाप्त किया गया।
मुख्य मार्ग पर गाड़ी रुकवाकर किया जानलेवा हमला
घटनाक्रम के अनुसार, भाजपा युवा मोर्चा के जिला प्रवक्ता नटवर सिंह राजपुरोहित बुधवार की शाम को जिला मुख्यालय जालौर से अपना संगठनात्मक काम निपटाकर वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान सियाणा के समीप आकोली-आड़वाड़ा मुख्य मार्ग पर सामने से तेज रफ्तार में आई एक संदिग्ध गाड़ी ने उनकी कार के आगे आकर रास्ता रोक लिया। इससे पहले कि नटवर सिंह कुछ समझ पाते, उस गाड़ी में से उतरे अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने उन पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में वे लहुलूहान होकर वहीं गिर पड़े, जिसके बाद आरोपी अपनी गाड़ी समेत मौके से अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
गंभीर हालत में सिरोही रेफर और हाईवे पर चक्काजाम
वारदात के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय लोगों ने लहूलुहान अवस्था में पड़े नटवर सिंह को संभाला और आनन-फानन में सियाणा के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए और अत्यधिक खून बह जाने के कारण प्राथमिक उपचार देकर तुरंत सिरोही के बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम की देखरेख में उनका उपचार किया जा रहा है और उनकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। जैसे ही इस हमले की खबर इलाके में फैली, बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और जालौर-सिरोही हाईवे पर पत्थर व टायर रखकर पूरी तरह चक्काजाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पुलिस अधिकारियों की समझाइश और कार्रवाई का आश्वासन
हाईवे जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही बागरा थाना अधिकारी मोहनलाल गर्ग और सिरोही से पुलिस अधिकारी निरंजन प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर उनसे लंबी वार्ता की और उन्हें शांत करने का प्रयास किया। माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि अगले 15 घंटे के भीतर हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त और प्रभावी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अधिकारियों के इस लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हटने को तैयार हुए।
हाईवे पर यातायात बहाल और आरोपियों की तलाश तेज
प्रशासनिक समझाइश और तय समय सीमा में कार्रवाई के वादे के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना पूरी तरह समाप्त कर दिया, जिसके बाद हाईवे पर पिछले कई घंटों से बाधित चल रहा यातायात दोबारा सामान्य हो सका। स्थानीय पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों के संभावित छिपने के ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और मुख्य मार्ग के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि इस पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।
