4 लाख की सुपारी देकर कराई हत्या, प्रेमिका की जिद के बाद पति-पत्नी का खौफनाक प्लान

सक्ती: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुई पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम की अंधी हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा किया है। इस खूनी वारदात के पीछे कोई पुरानी रंजिश या जमीनी विवाद नहीं, बल्कि त्रिकोणीय प्रेम संबंधों का एक उलझा हुआ और जानलेवा मामला था। पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मुरलीशंकर चौहान और उसकी पत्नी चम्पा ने मिलकर पूर्णिमा को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रची थी और इसके लिए झारखंड के शूटरों को 4 लाख रुपये की सुपारी दी थी।
आयुर्वेदिक दवा के प्रचार से शुरू हुई थी प्रेम कहानी
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मृतका पूर्णिमा और मुख्य आरोपी मुरलीशंकर चौहान पहले एक साथ आयुर्वेदिक दवाइयों के प्रचार-प्रसार का काम करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे प्रेम संबंधों में आ गए। पूर्णिमा की पहले ही एक शादी टूट चुकी थी, जबकि मुरलीशंकर शादीशुदा था और बाल-बच्चेदार था। कुछ समय बाद जब मुरलीशंकर ने पूर्णिमा से दूरी बनानी शुरू की, तो युवती उस पर लगातार शादी करने का कानूनी और सामाजिक दबाव बनाने लगी। रोज-रोज के इस तनाव से छुटकारा पाने के लिए आरोपी पति-पत्नी ने मिलकर पूर्णिमा की हत्या की खौफनाक योजना बना डाली।
सरेआम घर में घुसकर मारी थी 3 गोलियां
वारदात का तरीका: बीते 26 जून की सुबह बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो नकाबपोश शूटर पूर्णिमा के घर पहुंचे थे। बदमाशों ने घर में घुसकर पहले पूर्णिमा की पहचान पक्की की और फिर ताबड़तोड़ उस पर पिस्टल से तीन गोलियां दाग दीं। गोलियों की आवाज से इलाका दहल गया। खून से लथपथ पूर्णिमा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
फिल्म देखकर सीखा तरीका, पोस्ट ऑफिस का खाता तोड़कर दिए एडवांस
अंधे कत्ल की इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर डंप और घटना स्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने के बाद कड़ियों से कड़ियां जुड़ती गईं।
सुपारी का सौदा: पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि झारखंड के रहने वाले राजेंद्र महंत नाम के बिचौलिए के माध्यम से 4 लाख रुपये में हत्या की बात तय हुई थी।
एडवांस की रकम: मुरलीशंकर की पत्नी चम्पा इस पूरी साजिश में बराबर की भागीदार थी। उसने शूटरों को एडवांस देने के लिए बकायदा पोस्ट ऑफिस में जमा अपना फिक्स डिपॉजिट (खाता) तुड़वाया और ₹2 लाख नकद निकालकर आरोपियों को सौंपे।
क्राइम थ्रिलर से मिली प्रेरणा: पूछताछ में एक और हैरान करने वाली बात सामने आई कि आरोपियों ने पुलिस की गिरफ्त से बचने और वारदात को अंजाम देने के पैंतरे एक मशहूर सस्पेंस-क्राइम फिल्म को देखकर सीखे थे।
3 राज्यों में छापेमारी कर 9 आरोपी गिरफ्तार
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने बेहद मुस्तैदी दिखाई और छत्तीसगढ़, झारखंड के साथ-साथ महाराष्ट्र तक अपनी टीमें भेजकर छापेमारी की। पुलिस ने हत्या की साजिश रचने वाले पति-पत्नी और शूटरों समेत कुल 9 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पकड़े गए अपराधियों के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल, जिंदा कारतूस, वारदात में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें, सात मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और ₹71,500 नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर ले रही है ताकि आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।
