रोजगार की नई पहल, ‘प्रोजेक्ट गंगा’ से गांव के युवाओं की बदलेगी तस्वीर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल क्रांति लाने के उद्देश्य से 'प्रोजेक्ट गंगा' (गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट) की शुरुआत की गई है। इस मुहिम के जरिए गांवों में हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। योजना के तहत अब तक 700 से अधिक ग्रामीण युवाओं का चयन डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (DSP) बनने के लिए किया जा चुका है, जिन्हें 7 दिनों की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ये युवा अपने ही गांव में डिजिटल सेवा केंद्र खोल सकेंगे। सरकार का लक्ष्य न्याय पंचायत स्तर पर करीब 8,000 से 10,000 डीएसपी तैयार करना है। युवाओं की मदद के लिए मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज का लोन भी दिया जाएगा। शुरुआती तौर पर इन युवाओं की हर महीने करीब 20 हजार रुपये की कमाई होगी, जो ग्राहकों की संख्या बढ़ने पर 1 लाख रुपये महीना तक जा सकती है।

परियोजना के मुख्य लाभ और उद्देश्य

  • गांवों में मिलेंगी शहरी सुविधाएं: इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से ग्रामीणों को टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, ई-गवर्नेंस, डिजिटल भुगतान और स्मार्ट कृषि जैसी सुविधाएं घर बैठे मिलेंगी। अब प्रमाण पत्र और बैंकिंग जैसे कामों के लिए उन्हें शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

  • महिलाओं की 50% भागीदारी: इस विशेष मुहिम में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 50 फीसदी हिस्सेदारी तय की गई है।

  • 21 जिलों से शुरुआत: पहले चरण में नेपाल सीमा से सटे पिछड़े जिलों जैसे श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर सहित कुल 21 जिलों को प्राथमिकता दी गई है। अगले 2 से 3 सालों में इस योजना को राज्य की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और करीब 20 लाख परिवारों तक विस्तार दिया जाएगा।

स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट गंगा राज्य सरकार की एक बेहद अहम योजना है। यह प्रोजेक्ट ग्रामीण इलाकों को शहरों की तरह हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़कर गांवों के विकास में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा।

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