बाबा अमरनाथ के दर्शन को उमड़ा आस्था का सैलाब, पवित्र गुफा की ओर बढ़े श्रद्धालु

श्रीनगर/जम्मू: जम्मू-कश्मीर के सुप्रसिद्ध बाबा बर्फानी धाम में आज से पवित्र अमरनाथ यात्रा का औपचारिक आगाज हो गया है। तड़के सुबह सुरक्षा और आस्था के अनूठे संगम के बीच श्रद्धालुओं का पहला जत्था कश्मीर घाटी के बेस कैंपों से पवित्र गुफा की ओर रवाना कर दिया गया। इससे पहले, यह जत्था जम्मू से रवाना होकर पूरी तरह सुरक्षित तरीके से पहलगाम पहुंचा था। हिमालय की दुर्गम वादियों में बाबा भोलेनाथ के जयकारों की गूंज और श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास इस बात की गवाही दे रहा है कि कठिन रास्तों पर भी आस्था भारी है।
दो प्रमुख बेस कैंपों से 'बम-बम भोले' की गूंज
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा पर आने वाले शिवभक्तों की सुविधा और सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से दो मुख्य बेस कैंप स्थापित किए गए हैं। इनमें पहला पहलगाम का नुनवान बेस कैंप और दूसरा गांदरबल जिले का बालटाल (डोमेल) बेस कैंप है। शुक्रवार सुबह दोनों ही मार्गों से यात्रियों के काफिले ने पवित्र गुफा की ओर अपने कदम बढ़ा दिए। कड़ाके की ठंड और पहाड़ों की कठिन चढ़ाई के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था और हर कोई बाबा बर्फानी की एक झलक पाने के लिए बेताब नजर आया।
मौसम की बाधा पर भारी पड़ी आस्था, सुबह 4 बजे शुरू हुआ सफर
पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन के लिए तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को सुबह ठीक 4 बजे ट्रैक पर रवाना किया गया। हालांकि, तड़के सुबह इलाके में हुई हल्की बारिश के कारण यात्रा की शुरुआत में थोड़ा विलंब हुआ। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इस जत्थे को सुबह 3 बजे ही रवाना किया जाना था, लेकिन मौसम के मिजाज को देखते हुए अधिकारियों ने कुछ देर इंतजार करना बेहतर समझा। इस देरी के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई और वे लगातार भजन-कीर्तन करते हुए भोलेनाथ का स्मरण करते रहे।
कड़े सुरक्षा घेरे में घाटी पहुंचे श्रद्धालु, उपराज्यपाल ने दिखाई हरी झंडी
इससे पहले, अमरनाथ यात्रा के इस पहले आधिकारिक जत्थे को जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस जत्थे में 4800 से अधिक तीर्थयात्री शामिल थे। पूरे काफिले को अर्धसैनिक बलों की कड़ी निगरानी में कश्मीर घाटी पहुंचाया गया। जैसे ही श्रद्धालुओं का यह दल कश्मीर की सीमा में दाखिल हुआ, वहां का नजारा बेहद खूबसूरत हो गया। दक्षिण कश्मीर रेंज के उपमहानिरीक्षक (DIG) जाविद इकबाल मट्टू सहित नागरिक और प्रशासनिक अधिकारियों ने यात्रियों का माला पहनाकर और गुलदस्ते भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया।
बख्तरबंद गाड़ियों और कोबरा कमांडो की निगरानी में दूसरा जत्था भी रवाना
पहला जत्था जहां पहाड़ों को नापते हुए पवित्र गुफा की ओर बढ़ रहा है, वहीं आज शुक्रवार को तीर्थयात्रियों का दूसरा बड़ा जत्था भी कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू से श्रीनगर के लिए रवाना कर दिया गया है। अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने अचूक चक्रव्यूह तैयार किया है। काफिले के गुजरने के दौरान पूरे नेशनल हाईवे को अस्थायी रूप से सील कर दिया जाता है और सेना के जवान खुद कमान संभालते हैं। हाईवे के चप्पे-चप्पे पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान और बख्तरबंद गाड़ियां तैनात हैं। इन गाड़ियों में आधुनिक हथियारों से लैस सीआरपीएफ के घातक 'कोबरा कमांडो' मुस्तैद हैं, जो किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह चौकस हैं।
