रांची में चोरी की वारदातों से दहशत, लाखों की संपत्ति गायब, एक आरोपी पकड़ा गया

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में चोरी की बढ़ती वारदातें आम जनता के लिए बड़ी चिंता का सबब बनती जा रही हैं। शहर के डोरंडा इलाके में चोरों ने दो बंद पड़े मकानों को अपना निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के कैश, जेवर और कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान पर हाथ साफ कर दिया। वहीं, दूसरी ओर हरमू हाउसिंग कॉलोनी में स्थानीय लोगों की मुस्तैदी से एक शातिर चोर पकड़ा गया, जो दोबारा चोरी की नीयत से वहां पहुंचा था। एक ही दिन में सामने आईं इन घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

डोरंडा में बंद घरों को बनाया निशाना, लाखों का माल पार

डोरंडा थाना क्षेत्र में शातिर चोरों ने सूने पड़े दो अलग-अलग मकानों के ताले तोड़कर बड़ी चोरी को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों ही मामलों में केस दर्ज कर लिया है:

  • बिरसा चौक (बंधुनगर): पहली घटना यहां की रहने वाली बिमला बड़ाईक के घर हुई। बिमला 19 जून को किसी काम से दिल्ली गई थीं। जब वह 30 जून को वापस लौटीं, तो घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ था। अंदर पूरा सामान बिखरा पड़ा था। चोरों ने घर से 3 गैस सिलेंडर, पीतल व कांसे के कीमती बर्तन और अलमारी में रखे करीब 50 हजार रुपये नकद उड़ा लिए।

  • श्यामली कॉलोनी: दूसरी वारदात यहां के एक वीआईपी बंगले में हुई। शिकायतकर्ता समरजीत जाधक के अनुसार, 31 मई से 6 जून के बीच जब बंगला बंद था, तब अज्ञात चोरों ने धावा बोला। चोर वहां से चांदी के आभूषण, एक सिल्वर बॉक्स, दो महंगे मोबाइल फोन और एक आईपैड (iPad) चुराकर फरार हो गए।

हरमू कॉलोनी: सीसीटीवी में कैद हुआ चोर, दोबारा आया तो लोगों ने दबोचा

चोरी की तीसरी घटना अरगोड़ा थाना क्षेत्र के हरमू हाउसिंग कॉलोनी से सामने आई। यहां के निवासी अभिषेक कुमार श्रीवास्तव के घर से बीते 29 जून को एक्साइड कंपनी की एक बड़ी बैटरी चोरी हो गई थी। यह पूरी वारदात घर के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर घरवाले चोर को पहचान चुके थे।

1 जुलाई को वही संदिग्ध चोर उसी इलाके में दोबारा किसी दूसरी वारदात को अंजाम देने या रेकी करने पहुंचा। तभी स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ गई। लोगों ने सतर्कता दिखाते हुए घेराबंदी की और उसे रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

सुरक्षा पर उठे सवाल, पुलिस जांच में जुटी

लगातार हो रही इन चोरियों से स्थानीय निवासियों में डर और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि पुलिस को रात के समय गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ानी चाहिए। फिलहाल डोरंडा और अरगोड़ा दोनों ही थानों की पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर मामले दर्ज कर लिए हैं और पकड़े गए संदिग्ध से पूछताछ के साथ-साथ अन्य मामलों के आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

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