ISI की नई साजिश बेनकाब, गैंगस्टरों के सहारे दिल्ली-NCR को निशाना बनाने की तैयारी

नई दिल्ली। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) एक बार फिर भारत की शांति और सुरक्षा को भंग करने की एक बेहद खतरनाक साजिश रच रही है। सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के मुताबिक, इस बार आईएसआई ने अपनी पुरानी रणनीति बदलते हुए पारंपरिक आतंकी संगठनों की जगह स्थानीय गैंगस्टरों और नए अपराधियों के नेटवर्क का सहारा लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि इस नए नेटवर्क के जरिए दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत के कई प्रमुख इलाकों को दहलाने की बड़ी योजना तैयार की गई थी।
सोशल मीडिया पर युवाओं को दिया जा रहा नौकरी और पैसे का लालच
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, आईएसआई के हैंडलर सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारत के युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इन युवाओं को मोटी रकम, विदेश में नौकरी और बेहतर भविष्य का झांसा देकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाया जा रहा था। नेटवर्क में शामिल करने के बाद इन युवाओं का इस्तेमाल हथियारों की तस्करी (डिलिवरी), संवेदनशील जगहों की रेकी करने और जरूरत पड़ने पर आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
साजिश के पीछे पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर्स का हाथ
जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इस पूरी साजिश को अमलीजामा पहनाने में पाकिस्तान में शरण लिए हुए भारतीय गैंगस्टरों की मुख्य भूमिका है। ये गैंगस्टर भारत में मौजूद अपने पुराने गुर्गों और संपर्कों का इस्तेमाल कर नए लड़कों की भर्ती कर रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस गठजोड़ का मुख्य मकसद देश के बड़े शहरों में दहशत का माहौल पैदा करना और भारत की आंतरिक सुरक्षा को गहरी चोट पहुंचाना था।
सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्धों को दबोचा, देशव्यापी अलर्ट जारी
इस खतरनाक मंसूबे को नाकाम करने के लिए दिल्ली पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने हाल के महीनों में मुस्तैदी दिखाते हुए कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए इन संदिग्धों के तार सीधे पाकिस्तान समर्थित इस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। पूछताछ में मिले अहम सुरागों के आधार पर एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह नेटवर्क देश के किन-किन राज्यों में फैल चुका है।
इस गंभीर खतरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने सभी राज्यों की पुलिस और खुफिया इकाइयों को 'हाई अलर्ट' पर रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का साफ कहना है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता से खिलवाड़ करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
