रजिस्ट्रार की कुर्सी बनी विवाद की वजह, वेटनरी यूनिवर्सिटी में बढ़ा तनाव

जबलपुर। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन को शासन से मिले एक विशेष पत्र के बाद अब इस पद पर तैनाती को लेकर नए सिरे से कयास लगाए जा रहे हैं। लंबे समय से खाली चल रहे इस अहम पद के लिए अब 2 नामों पर मुख्य रूप से विचार किया जा रहा है, जिसमें एक महिला प्रोफेसर का नाम सबसे आगे चल रहा है। विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार, बीते 4 माह से इस पद को भरने की कवायद चल रही थी, जो अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाने के लिए जल्द ही किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना है।
महिला प्रोफेसर के नाम पर बनी सहमति
विश्वविद्यालय के सूत्रों का कहना है कि रजिस्ट्रार पद के लिए चर्चाओं में शामिल 2 नामों में से महिला प्रोफेसर की नियुक्ति पर लगभग सहमति बन चुकी है। इस पद की दौड़ में शामिल दूसरे प्रोफेसर के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन अभी अतिरिक्त जानकारी जुटा रहा है, क्योंकि वे पहले से ही 4 से अधिक विभागों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। पूर्व में पशुपालन विभाग के एक उच्च अधिकारी के नाम पर सहमति बनी थी, लेकिन ऐन वक्त पर दूसरे दावेदार द्वारा अपने रसूख का इस्तेमाल किए जाने के कारण वह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। वर्तमान में शासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन इस संवेदनशील पद पर किसी अनुभवी और विवादमुक्त व्यक्ति को बैठाने की प्राथमिकता तय कर चुके हैं।
प्रशासनिक कामकाज की गति बढ़ने की उम्मीद
विश्वविद्यालय में पिछले काफी समय से रजिस्ट्रार का पद रिक्त होने या अस्थाई प्रभार पर चलने के कारण प्रशासनिक कार्यों में गति नहीं आ पा रही थी। राजनीतिक पकड़ रखने वाले कई प्रोफेसरों ने भोपाल तक अपनी दौड़ लगाई थी, लेकिन आपसी खींचतान के कारण कोई भी नाम फाइनल नहीं हो सका। अब शासन से मिले पत्र के बाद यह स्पष्ट है कि जल्द ही पूर्णकालिक रजिस्ट्रार मिल जाएगा। इससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है। यदि महिला प्रोफेसर के नाम पर नियुक्ति होती है, तो यह पहली बार होगा जब इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक कुर्सी पर एक महिला अधिकारी की तैनाती होगी। सभी की निगाहें अब शासन के अगले आधिकारिक आदेश पर टिकी हैं।
