मध्यप्रदेश का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर तैयार, सितंबर में होगा लोकार्पण

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर को जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए लवकुश चौराहे पर बन रहे प्रदेश के पहले डबल डेकर फ्लाईओवर ब्रिज का एक हिस्सा पूरी तरह तैयार हो चुका है, और इसकी सफ़ल लोड टेस्टिंग भी कर ली गई है। वर्तमान में इसके दूसरे हिस्से की स्लैब डालने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। निर्माण कार्यक्रम के अनुसार, जुलाई के अंत तक स्ट्रक्चर का पूरा काम मुकम्मल कर लिया जाएगा। हालांकि, मानसून की दस्तक और लगातार हो रही बारिश के कारण डामर की मास्टिंग का काम रुक सकता है, जिसके चलते इस महत्वाकांक्षी परियोजना के सितंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। इस फ्लाईओवर के चालू होते ही रोजाना करीब दो लाख से अधिक वाहन चालकों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

160 करोड़ की लागत, तय समय से 7 महीने पिछड़ा प्रोजेक्ट

लगभग 160 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से आकार ले रहे इस अत्याधुनिक डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य असल में अगस्त 2025 में ही पूरा हो जाना था। लेकिन, अहमदाबाद की निर्माण एजेंसी 'विजय एम मिस्त्री कंस्ट्रक्शन कंपनी' को साइट हैंडओवर करने और मार्ग की अन्य प्रशासनिक बाधाओं को हटाने में लंबा वक्त लग गया। लेती-लतीफी के कारण प्रशासन ने कंपनी को दिसंबर तक की अतिरिक्त मोहलत दी थी। तकनीकी अड़चनों और ठेकेदार की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते यह प्रोजेक्ट अपने निर्धारित समय से करीब सात महीने पिछड़ गया। इसके बाद इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने खुद निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण कर कड़ा रुख अपनाया और ठेकेदार कंपनी को सख्त हिदायत दी, जिसके बाद काम ने रफ्तार पकड़ी।

जुलाई के मध्य तक स्लैब और अगस्त में दूसरी लोड टेस्टिंग

प्रशासनिक सख्ती के बाद प्रोजेक्ट में तेजी देखी जा रही है। ब्रिज के मध्य भाग के दोनों तरफ 'बो स्ट्रिंग गर्डर' की लॉन्चिंग का काम सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया है। एक तरफ के हिस्से में स्लैब कास्टिंग के बाद भार वहन क्षमता (लोड टेस्टिंग) की जांच भी पूरी हो चुकी है। अब दूसरे हिस्से में स्लैब डालने के लिए लोहे के सरियों का जाल बिछाने का काम अंतिम दौर में है। उम्मीद है कि 15 जुलाई तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद अगस्त की शुरुआत में इस नए हिस्से की भी फाइनल लोड टेस्टिंग कर दी जाएगी।

डामरीकरण के लिए धूप का इंतजार, सितंबर में खुलेगा ब्रिज

ब्रिज का मुख्य ढांचा समय पर तैयार होने के बावजूद शहरवासियों को इसके उपयोग के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। ठेकेदार कंपनी के इंजीनियर्स का कहना है कि फ्लाईओवर के ऊपरी हिस्से पर डामर की विशेष मास्टिंग परत चढ़ाई जाती है, जिसके लिए पूरी तरह से सूखे मौसम और कड़क धूप की जरूरत होती है। बरसात के इस मौसम में डामरीकरण का काम तकनीकी रूप से संभव नहीं है। मौसम विभाग और निर्माण एजेंसी के अनुमान के मुताबिक, सितंबर में मानसून की विदाई और मौसम साफ होते ही मास्टिंग का काम चंद दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। ऐसे में पूरी संभावना है कि सितंबर 2026 के मध्य तक इंदौर वासियों को इस आधुनिक डबल डेकर फ्लाईओवर की सौगात सौंप दी जाएगी।

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