दतिया सीट पर बीजेपी की तैयारी तेज, नरोत्तम मिश्रा के नामांकन खरीदने से अटकलें बढ़ीं

दतिया। मध्य प्रदेश की सियासत में दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर हलचल बेहद तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने नामांकन पत्र खरीद लिया है, जिसने सियासी पारे को और बढ़ा दिया है। हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही दोनों प्रमुख दलों, बीजेपी और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की है। इसी बीच राजनीतिक गलियारों से यह बड़ी खबर भी आ रही है कि कांग्रेस नेता अवधेश नायक ने भी नॉमिनेशन फॉर्म खरीद लिया है, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प होने के संकेत मिल रहे हैं।

चुनावी रण में प्रतिष्ठा की जंग

दतिया विधानसभा का यह उपचुनाव अब सिर्फ एक साधारण सीट का मुकाबला नहीं रह गया है, बल्कि यह मध्य प्रदेश की राजनीति में दोनों ही दलों के लिए प्रतिष्ठा का बड़ा सवाल बन चुका है। उम्मीदवारों के नामों को लेकर चल रहा मंथन अब भोपाल के राजनीतिक गलियारों से निकलकर देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया है। जहां एक तरफ कांग्रेस के खेमे में कई संभावित चेहरों पर लगातार चर्चा की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के भीतर पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को सबसे प्रबल और मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।

दिल्ली से भोपाल तक सियासी बैठकों का दौर

उपचुनाव की रणनीति और प्रत्याशी चयन को लेकर कांग्रेस के भीतर दिल्ली से लेकर भोपाल तक बैठकों का दौर लगातार जारी है। खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इस समय दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और आलाकमान के साथ चर्चा कर रहे हैं। इस बीच राजेंद्र भारती से जुड़े हालिया घटनाक्रम और शोभा भारती के नाम की चर्चाओं ने दतिया के स्थानीय सियासी समीकरणों को और ज्यादा गरमा दिया है। कांग्रेस पार्टी जमीनी स्तर के समीकरणों, संगठन की आंतरिक राय और उम्मीदवार की जीत की संभावनाओं को तौलते हुए नाम फाइनल करने में जुटी है, हालांकि पार्टी ने अभी तक किसी भी नाम पर अपनी अंतिम मुहर नहीं लगाई है।

आठ बार के विधायक डॉ. नरोत्तम मिश्रा की मजबूत दावेदारी

वहीं अगर सत्ताधारी दल बीजेपी की बात करें तो वहां की तस्वीर लगभग साफ नजर आ रही है। पार्टी के कद्दावर नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा को इस सीट से सबसे मजबूत प्रत्याशी माना जा रहा है। आठ बार विधायक का चुनाव जीत चुके डॉ. मिश्रा मध्य प्रदेश सरकार में गृह, विधि, जेल और संसदीय कार्य जैसे बेहद महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। पिछले चुनाव में मिली हार के बावजूद भी संगठन और क्षेत्र में उनकी सक्रियता लगातार बनी रही है, जो उन्हें इस रेस में सबसे आगे रखती है।

नामांकन पत्र की खरीद के बाद कयासों का बाजार गर्म

इसी गहमागहमी के बीच जैसे ही डॉ. नरोत्तम मिश्रा द्वारा नामांकन पत्र खरीदे जाने की पुख्ता जानकारी सामने आई, वैसे ही क्षेत्र में उनकी संभावित उम्मीदवारी को लेकर कयासों का बाजार और तेज हो गया है। हालांकि, तकनीकी रूप से देखा जाए तो बीजेपी ने अभी तक अपने अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि दतिया सीट के लिए अंतिम और औपचारिक फैसला केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर ही लिया जाएगा, जिसके बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।

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