प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन के लिए योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पशुपालक तक पहुँचाएं : प्रमुख सचिव उमराव

भोपाल : प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, किसानों, पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पशुपालक तक आसानी से पहुंचे, इस उद्देश्य से बुधवार को पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी सभागार में किसानों के प्रतिनिधि मंडल के साथ बैठक की। विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही उनके सुझाव भी प्राप्त किए। बैठक में महेश चंद्र चौधरी सहित जिलों के किसान भी उपस्थित रहे।
बैठक में प्रमुख सचिव उमराव ने किसान संघ के पदाधिकारियों को प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा देने, प्रदेश को दूध की राजधानी बनाने और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पशुओं के नस्ल सुधार, पशु पोषण, टीकाकरण एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन के बारे में जानकारी देने के लिए प्रदेश में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के दो चरण पूरे हो गए है। तीसरा चरण 13 जुलाई से शुरू होगा। इसके अंतर्गत विभाग के अधिकारी कर्मचारी पशुपालकों के घर जाएंगे और उन्हें नस्ल सुधार, पशु पोषण, टीकाकरण एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन के बारे में जानकारी देंगे। तीसरे चरण में 3 से 4 पशु (गौवंश एवं भैंसवंश) रखने वाले पशुपालकों के यहां प्रशिक्षित विभागीय अमले द्वारा घर जाकर भेंट की जाएगी।
तीसरे चरण में प्रदेश के 5 लाख 72 हजार पशुपालकों के घर जाकर भेंट करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रमुख सचिव उमराव ने 13 जुलाई से शुरू होने वाले इस अभियान में मंत्री, सांसद, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से सहभागिता करने का आग्रह किया। इसके साथ ही प्रमुख सचिव उमराव ने प्रदेश में चलाई जा रही क्षीरधारा योजना सहित अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
प्रमुख सचिव उमराव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाते हुए ‘मिल्क कैपिटल’ के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए आवश्यक है कि विभाग की योजनाओं और आधुनिक पशुपालन तकनीकों का लाभ अधिक से अधिक किसानों और पशुपालकों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि ‘दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान’ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।
इस अवसर पर संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. पी.एस. पटेल, सांची बोर्ड के एमडी डॉ. संजय गोवाणी, कुक्कुट विकास निगम के एमडी सत्यनिधि शुक्ला, नानाजी देशमुख वेटरनरी विश्वविद्यालय जबलपुर के कुल सचिव एसएस तोमर, गौ-संवर्धन बोर्ड के रजिस्ट्रार डॉ. अनुपम अग्रवाल उपस्थित रहे।
