ATM लूट की बड़ी साजिश नाकाम, CCTV काटकर पहुंचे बदमाश खाली हाथ लौटे

सिकराय। राजस्थान के दौसा जिले के सिकराय उपखंड मुख्यालय पर रविवार देर रात उस समय एक बड़ी वारदात टल गई, जब कार में सवार होकर आए नकाबपोश अपराधियों ने एक एटीएम बूथ को निशाना बनाया। शातिर बदमाशों ने बेहद सुनियोजित तरीके से नकदी लूटने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय स्तर पर लोगों की सजगता और अचानक सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाने के कारण वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। इस सनसनीखेज वारदात की पूरी कड़ियों को खंगालने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ मुस्तैद हो गया है।

सीसीटीवी कैमरों के तार काटकर शटर का ताला तोड़ने की खौफनाक कोशिश

देर रात सन्नाटे का फायदा उठाकर कार में सवार होकर आए तीन नकाबपोश शातिर अपराधी सिकराय कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित एटीएम बूथ के पास पहुंचे। उन्होंने पकड़े जाने के डर से सबसे पहले बूथ के बाहर सुरक्षा के लिए लगे सीसीटीवी कैमरों के तारों को बेरहमी से काट दिया ताकि उनकी पहचान छिपी रहे। इसके बाद लोहे की भारी रॉड का इस्तेमाल कर शटर के मजबूत ताले को तोड़ दिया और बूथ के भीतर दाखिल होकर एटीएम मशीन के मुख्य कैश बॉक्स को उखाड़ने के लिए जोर-आजमाइश करने लगे।

वाहनों की आहट से घबराए बदमाश और छह मिनट के भीतर कार से हुए फरार

पुलिस विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नकाबपोश अपराधी करीब छह मिनट तक लगातार मशीन के भीतर मौजूद नकदी वाले हिस्से को कटर और रॉड के सहारे तोड़ने का असफल प्रयास करते रहे। इसी बीच अचानक मुख्य सड़क पर भारी वाहनों और स्थानीय लोगों की आवाजाही तेजी से बढ़ने लगी, जिससे घबराकर बदमाश पकड़े जाने के डर से घबरा गए। वे तुरंत अपनी कार में सवार हुए और बिना कोई नकदी हाथ लगे मौके से बेहद तेज रफ्तार में रफूचक्कर हो गए, हालांकि बूथ के भीतर चालू हालत में छूटे एक अन्य गुप्त कैमरे में उनकी पूरी करतूत कैद हो गई।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में एफएसएल टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य

एटीएम लूट के इस दुस्साहसिक प्रयास की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकरलाल मीणा, डिप्टी एसपी धर्मराज चौधरी सहित मानपुर थाना पुलिस का भारी अमला तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गया। सोमवार सुबह मेहंदीपुर बालाजी थाना प्रभारी सचिन शर्मा ने अपनी विशेष टीम और बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर सीसीटीवी फुटेज की बारकोड जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए बुलाई गई फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने भी मौके से उंगलियों के निशान और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

साल 2022 की खूनी वारदात का दोहराव और पुलिस का सघन तलाशी अभियान

क्षेत्र के लोगों में इस घटना के बाद से इसलिए भी भारी आक्रोश और डर है क्योंकि नवंबर 2022 में भी इसी समान एटीएम बूथ को अपराधियों ने निशाना बनाया था और करीब 10 लाख रुपये की बड़ी रकम लूटकर ले गए थे। उस खूनी वारदात के दौरान गश्त पर तैनात एक बहादुर होमगार्ड जवान ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की थी, तो बदमाशों ने उन्हें वाहन से कुचल दिया था जिससे उनकी जान चली गई थी। पुलिस प्रशासन ने पुराने और नए दोनों मामलों के तकनीकी पहलुओं को जोड़ते हुए हाईवे और आसपास के सभी टोल नाकों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं ताकि कार के नंबर के आधार पर लुटेरों को जल्द से जल्द दबोचा जा सके।

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