जीत के बाद भारतीय महिला टीम ने दिखाई दरियादिली, इंग्लैंड की दिग्गज खिलाड़ियों का बढ़ाया मान

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने मक्का-ए-क्रिकेट कहे जाने वाले लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है, जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा। एकमात्र आधिकारिक टेस्ट मुकाबले में भारतीय टीम ने मेजबान इंग्लैंड को चारों खाने चित करते हुए 270 रनों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी है।
इस एतिहासिक मैदान पर टीम इंडिया की यह अब तक की सबसे बड़ी और पहली महिला टेस्ट फतह है। हालांकि, इस ऐतिहासिक और धमाकेदार जीत के तुरंत बाद मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों ने जो किया, उसने दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। मुकाबला खत्म होने के तुरंत बाद पूरी भारतीय टीम ने इंग्लैंड क्रिकेट की दो सबसे बड़ी दिग्गजों—कप्तान हीदर नाइट और सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट—को उनके अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच के सम्मान में अपने ऑटोग्राफ (हस्ताक्षर) की हुई भारतीय टीम की जर्सी (T-Shirt) भेंट की। लॉर्ड्स के सबसे प्रतिष्ठित 'ऑनर्स बोर्ड' के सामने घटित हुआ यह भावुक और गरिमामयी पल क्रिकेट जगत में सच्ची खेल भावना का एक सर्वकालिक और बेजोड़ उदाहरण बन गया है। इस ऐतिहासिक विदाई के खूबसूरत पलों का वीडियो इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड ने भी बेहद गर्व के साथ अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया है।
बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स का भावुक संदेश; कहा- क्रिकेट सिर्फ रनों का नहीं, बल्कि खूबसूरत यादों का सफर है
लंदन: लॉर्ड्स के मैदान पर विदाई की इस बेला को और अधिक यादगार बनाने की कमान भारतीय टीम की स्टार मध्यक्रम बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स ने संभाली:
यादगार जर्सी भेंट की: जेमिमा ने भारतीय टीम की ओर से दोनों महान खिलाड़ियों के पास जाकर उन्हें विशेष रूप से तैयार की गई ऑटोग्राफ वाली जर्सी सौंपी।
भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं: जर्सी सौंपते हुए जेमिमा ने एक बेहद दिल छू लेने वाला संदेश दिया। उन्होंने कहा, "हम सभी जानते हैं कि क्रिकेट मैदान पर केवल रन बनाने का खेल नहीं है, बल्कि यह जिंदगी भर की खूबसूरत यादें संजोने का एक बेहतरीन माध्यम है। भारतीय महिला टीम की तरफ से हम आपको इंग्लैंड जर्सी में आपके इस आखिरी मुकाबले के लिए एक छोटी सी स्नेहपूर्ण भेंट दे रहे हैं। आपके इस अद्भुत और प्रेरणादायी करियर के लिए बहुत-बहुत बधाई और जीवन की अगली नई पारी के लिए ढेरों शुभकामनाएं।"
इंग्लिश क्रिकेट के दो महान युगों का हुआ अंत; हीदर नाइट और टैमी ब्यूमोंट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा
लंदन: लॉर्ड्स का यह ऐतिहासिक टेस्ट मैच इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम के लिए एक बेहद भावुक मोड़ साबित हुआ, क्योंकि इस मुकाबले के साथ ही उनके देश की दो सबसे दिग्गज और अनुभवी खिलाड़ियों के गौरवशाली अंतरराष्ट्रीय करियर का हमेशा के लिए अंत हो गया:
हीदर नाइट का बेमिसाल रिकॉर्ड: वर्ष 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाली हीदर नाइट ने इस मुकाबले के दौरान अपने संन्यास की आधिकारिक घोषणा की। वे इंग्लैंड के लिए 320 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली इतिहास की सबसे अनुभवी महिला क्रिकेटर रही हैं। उन्होंने अपने करियर में 6 शतकों की मदद से कुल 8,017 रन बनाए। वे इंग्लैंड की इकलौती ऐसी महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने क्रिकेट के तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) में शतक जड़ने का कीर्तिमान स्थापित किया है। साल 2016 से 2025 तक उन्होंने 199 मैचों में इंग्लैंड टीम की कप्तानी की और 2017 में अपनी सूझबूझ से इंग्लैंड को एकदिवसीय विश्व कप का खिताब जिताया था।
टैमी ब्यूमोंट का विदाई सफर: वहीं, दूसरी तरफ 35 वर्षीय सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट ने भी अपने 17 साल लंबे चमकदार अंतरराष्ट्रीय करियर को इसी मैच के साथ विराम दिया। ब्यूमोंट के नाम वनडे क्रिकेट में इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा 12 शतक लगाने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने अपने करियर में 12 टेस्ट मैचों में 614 रन, 140 वनडे मैचों में 4,738 रन और 109 टी20 मैचों में 1,975 रन बनाए हैं। वे साल 2023 में चिर-प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में दोहरा शतक लगाने वाली इंग्लैंड की पहली महिला क्रिकेटर भी बनी थीं।
लॉर्ड्स में टीम इंडिया का संपूर्ण दबदबा; यास्तिका का ऐतिहासिक शतक और क्रांति गौड़ के पंजे से ढहा इंग्लैंड का किला
लंदन: इस भावुक और यादगार विदाई समारोह से पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने मैच के चारों दिन लॉर्ड्स के मैदान पर खेल के हर विभाग में अपना जबरदस्त दबदबा कायम रखा:
यास्तिका भाटिया का ऐतिहासिक शतक: भारत की तरफ से युवा विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स के मैदान पर शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक बेहतरीन टेस्ट शतक जड़ा। वे इस प्रतिष्ठित मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली भारत की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं।
डेब्यूटेंट क्रांति गौड़ का कहर: अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने धारदार गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए इंग्लैंड की पहली पारी में 5 विकेट झटककर (पंज खोलकर) मेजबान टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी।
स्मृति और दीप्ति का ऑलराउंड प्रदर्शन: उपकप्तान स्मृति मंधाना ने मैच की दोनों पारियों में क्रमशः 83 और 70 रनों की बेहद सूझबूझ भरी और आक्रामक पारियां खेलीं। वहीं ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने बल्ले और गेंद दोनों से मैच जिताऊ योगदान दिया। ऋचा घोष के नाबाद तूफानी अर्धशतक की बदौलत भारत ने इंग्लैंड के सामने चौथी पारी में जीत के लिए 457 रनों का पहाड़ जैसा असंभव लक्ष्य रखा था।
चौथे दिन सिमटी इंग्लैंड की पारी: इस विशाल स्कोर के दबाव में इंग्लैंड की पूरी टीम मैच के चौथे दिन ही भारतीय स्पिनरों और तेज गेंदबाजों के चक्रव्यूह में फंसकर मात्र 186 रनों पर ढेर हो गई। भारत की तरफ से दूसरी पारी में भी शानदार फिरकी का जादू दिखाते हुए दीप्ति शर्मा ने 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए और भारत की इस ऐतिहासिक 270 रनों की महाविजय पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी।
