फेक पोस्ट विवाद में CM उमर अब्दुल्ला पर भाजपा का हमला, तरुण चुग बोले- विदेशी रंग न दें

जम्मू: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और तीखी बहस सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव और जम्मू-कश्मीर के संगठनात्मक प्रभारी तरुण चुग ने राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के एक हालिया कदम पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। तरुण चुग ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा राज्य के आंतरिक दर्जे के मुद्दे में एक विदेशी राजनेता का नाम घसीटने की कोशिश को आड़े हाथों लिया है।
उन्होंने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा कि जम्मू-कश्मीर के आंतरिक राजनीतिक मामलों को अंतरराष्ट्रीय रंग देने का यह प्रयास न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि देश की संप्रभुता के खिलाफ भी है। भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि ऐसे हथकंडे अपनाकर नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) सिर्फ आम जनता का ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है।
जम्मू-कश्मीर भारत का मुकुट और अभिन्न अंग; राज्य का दर्जा बहाल करने को लेकर केंद्र की प्रतिबद्धता पूरी तरह साफ
जम्मू: अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने देश की सीमाओं और संवैधानिक स्थिति को लेकर केंद्र सरकार का रुख एक बार फिर पूरी तरह से स्पष्ट किया:
संवैधानिक स्थिति अकाट्य: तरुण चुग ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक अटूट और अभिन्न अंग है। इसके आंतरिक मामलों में किसी भी बाहरी शक्ति या विदेशी टिप्पणी की कोई जगह नहीं है।
राज्य के दर्जे पर प्रतिबद्धता: जहां तक जम्मू-कश्मीर को दोबारा पूर्ण राज्य का दर्जा देने की बात है, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देश की संसद के पटल से अपनी अटूट प्रतिबद्धता पहले ही सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर चुके हैं। सही समय आने पर संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत प्रदेश को राज्य का दर्जा वापस सौंप दिया जाएगा, ऐसे में इस संवेदनशील विषय पर बार-बार भ्रम फैलाना बंद होना चाहिए।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद बदला जम्मू-कश्मीर; घाटी में बह रही है लोकतंत्र, विकास, पर्यटन और सुशासन की नई बयार
जम्मू: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर हमला जारी रखते हुए भाजपा प्रभारी ने वर्ष 2019 में हुए ऐतिहासिक बदलावों और उसके बाद के सकारात्मक परिणामों का विस्तृत ब्योरा जनता के सामने रखा:
खत्म हुआ अलगाववाद का दौर: तरुण चुग ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से विवादित अनुच्छेद 370 और 35ए के हटने के बाद से पूरे प्रदेश की फिजा पूरी तरह बदल चुकी है। सालों तक आतंकवाद और अलगाववाद के साए में जीने वाले इस क्षेत्र में अब शांति और सुशासन का एक नया दौर शुरू हुआ है।
रिकॉर्ड तोड़ पर्यटन और विकास: आज घाटी के भीतर जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत हुआ है, पंचायती राज व्यवस्था सुचारू रूप से काम कर रही है, और कश्मीर से लेकर जम्मू तक विकास की बड़ी-बड़ी योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। रिकॉर्ड तोड़ संख्या में पहुंच रहे देश-विदेश के पर्यटक इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि यहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। चुग ने नसीहत देते हुए कहा कि जो नेता राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए जनता को गुमराह कर रहे हैं, वे अब बदले हुए जम्मू-कश्मीर की इस जमीनी वास्तविकता को खुले दिल से स्वीकार करें।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फर्जी पोस्ट शेयर करने पर मचा बवाल; जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की आड़ में राजनीति चमकाने का आरोप
जम्मू: यह पूरा विवाद उस समय उत्पन्न हुआ जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे को लेकर भाजपा पर निशाना साधने के उद्देश्य से एक बेहद ही व्यंग्यात्मक और फर्जी (मॉक) पोस्ट साझा की, जिसमें अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नाम शामिल था:
फर्जी पोस्ट से साधा था निशाना: उमर अब्दुल्ला की इस पोस्ट को भाजपा ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना माना है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उमर अब्दुल्ला का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब उनकी पार्टी यानी नेशनल कांफ्रेंस (NC) देश की राजधानी नई दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर भाजपा के खिलाफ एक बहुत बड़े और उग्र विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार कर रही है।
वैश्विक ध्यान खींचने की चाल: भाजपा का आरोप है कि जंतर-मंतर के प्रदर्शन को हाइप देने और अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए ही मुख्यमंत्री ने जानबूझकर अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम की फर्जी पोस्ट का सहारा लिया, जो कि मुख्यमंत्री जैसे गरिमामयी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता। फिलहाल इस जुबानी जंग के बाद घाटी से लेकर दिल्ली तक सियासी तापमान पूरी तरह से बढ़ गया है।
