सड़कों में गड्ढों से लोग परेशान, हो रही मौतों से शासन-प्रशासन अनजान

कल्याण। हर साल मानसून आते ही कल्याण, डोंबिवली, उल्हासनगर, अंबरनाथ, बदलापुर और भिवंडी की सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से लोगों की मुसीबत मुसीबतें बढ़ जाती है. इस साल भी यही हालात हैं. अब परेशान लोग सड़कों पर उतरकर गड्ढों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं. दरअसल पिछले एक हफ्ते में कल्याण और अंबरनाथ में गड्ढों की वजह से दो मौतें हो चुकी हैं जिसमें एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी शामिल था. साथ ही दर्जनों लोग घायल हुए हैं. तीन दिन पूर्व कल्याण के पत्रीपुल पर हुई मौत के बाद लोगों ने बड़ी संख्या में यहां विरोध प्रदर्शन किया था. लोगों ने मनपा और एमएसआरडीसी से मांग की है कि जल्द से जल्द गड्ढे भरे जाएं. कल्याण के आगरा रोड, रामबाग, खडकपाडा, सूचक नाका, पत्रीपुल जैसे कई इलाकों में स्थिति दयनीय है. कल्याण का मुख्य रास्ता कॉन्क्रीट का है, इसके बाद भी यहां कई बड़े-बड़े गड्ढे हैं. इसी तरह, उल्हासनगर में भी गड्ढों की वजह से लोग परेशान हैं. शहर की कोई भी सड़क ऐसी नहीं है जो गड्ढा मुक्त हो. खासकर कल्याण-बदलापुर (केबी) रोड का तो बुरा हाल है. हर रोज इस रोड पर लोग घायल हो रहे हैं. जबकि पिछले तीन साल में ४ लोगों की मौत हो चुकी है. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि उल्हासनगर मनपा द्वारा बीते १० वर्षों में सड़कों के रखरखाव पर ४० करोड़ रूपये से अधिक खर्च किया गया मगर सड़कों की हालत दयनीय अवस्था में ही है. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस मद में किस प्रकार घोटाला किया गया है. वहीं अंबरनाथ में भी कई सड़कें ऐसी हैं, जहां गड्ढे मुसीबत बने हुए हैं. अंबरनाथ से बदलापुर को जोड़ने वाले केबी मार्ग पर कई जगह पर गड्ढे हैं. सबसे ज्यादा दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों को होती है. भिवंडी में भी गड्ढों की वजह से शहर की सड़कें वाहन चलाने तो ठीक, चलने लायक भी नहीं बची हैं. स्थिति यह है कि डामर की सड़कें कच्ची सड़कों में बदल गई हैं. सड़कों की गिट्टी बह गई है और चारों तरफ गड्ढे हैं. लेकिन, शासन-प्रशासन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है. बात करें भिवंडी की तो भिवंडी बाईपास स्थित राजनोली नाका से राजीव गांधी चौक तक कल्याण रोड, अंजुरफाटा से वंजारपट्टी नाका, मनपा मुख्यालय से शांतिनगर रोड, एसटी स्टैंड से गायत्रीनगर रोड, दरगाह रोड, अनमोल होटल से फातमानगर रोड सहित शहर की सभी सड़कों की हालत बेहद खराब है. बारिश होती है, तो कीचड़ फैल जाता है. गड्ढों के कारण दुर्घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं. गड्ढों के कारण अब तक 4 लोग जान गंवा चुके हैं. कल्याण रोड एवं वंजारपट्टी नाका से धामनकरनाका तक हमेशा जाम रहता है. इसी तरह, नागांव के अनमोल होटल-फातमानगर रोड पर पैदल चलना मुश्किल है. सड़क पर ड्रेनेज लाइन डालने के बाद उसकी मरम्मत नहीं की गई है, जिसकी वजह से यह समस्या है. फातमानगर रोड पर कई स्कूल हैं, जिनमें पढ़ने के लिए करीब तीन हजार बच्चे जाते हैं. इनकी सुरक्षा को खतरा है. आश्चर्य की बात ये देखी जा रही है कि हर साल करोड़ों रुपया खर्च करने के बावजूद शासन-प्रशासन लोगों को गड्ढा मुक्त सड़क उपलब्ध करवा पाने में पूरी तरह से विफल साबित हो रहा है. अब ये करोड़ों रुपया किधर जा रहा है ये तो शोध का विषय है.
