बचा हुआ तेल दोबारा इस्तेमाल करने से पहले जरूर करें ये काम

भारतीय घरों में पूड़ी, कचौड़ी, पकौड़े और समोसे जैसे लजीज तले-भुने पकवान अक्सर बनते रहते हैं। डीप फ्राइंग की इस प्रक्रिया के बाद अक्सर कढ़ाई में काफी मात्रा में इस्तेमाल किया हुआ तेल बच जाता है। ऐसे में गृहणियों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है; कई लोग सेहत के डर से इस बचे हुए तेल को सीधे फेंक देते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान होता है, जबकि कुछ लोग बिना साफ किए बार-बार उसी तेल में खाना पकाते रहते हैं। स्वास्थ्य और रसोई विशेषज्ञों के अनुसार, यह दोनों ही तरीके पूरी तरह गलत हैं।
सावधानी: जले हुए कणों के साथ दोबारा तेल गर्म करना बिगाड़ सकता है सेहत और स्वाद
दरअसल, जब हम तेल में पूड़ी या कचौड़ी तलते हैं, तो आटे के महीन कण, सूखे मसाले और भोजन के कुछ जले हुए टुकड़े तेल के नीचे बैठ जाते हैं। यदि इन अशुद्धियों को छानकर अलग किए बिना ही उसी तेल को दोबारा आंच पर चढ़ाया जाए, तो वे कण पूरी तरह जल जाते हैं। इससे न केवल आने वाले भोजन का स्वाद पूरी तरह कड़वा और खराब हो जाता है, बल्कि तेल की गुणवत्ता भी तेजी से घटती है।
दूसरी ओर, हर बार तलने के लिए बिल्कुल नए तेल का डिब्बा खोलना बजट को बिगाड़ सकता है। किचन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि तेल सिर्फ एक बार इस्तेमाल हुआ है और वह बहुत ज्यादा जला या काला नहीं पड़ा है, तो उसे वैज्ञानिक तरीके से रीसायकल (साफ) करके सीमित मात्रा में दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
बचे हुए तेल को दोबारा इस्तेमाल के लिए सुरक्षित बनाने के 5 अचूक स्टेप्स
1. तेल को पूरी तरह से ठंडा होने का समय दें
पूड़ी तलने की प्रक्रिया खत्म होते ही खौलते हुए गर्म तेल को तुरंत छानने की जल्दबाजी कभी न करें। सबसे पहले गैस बंद करके तेल को रूम टेम्परेचर (सामान्य तापमान) पर आने के लिए छोड़ दें। खौलते तेल को छूना या पलटना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। इसके अलावा, जैसे-जैसे तेल ठंडा होता है, उसमें तैर रहे आटे के भारी कण अपने आप नीचे तली में बैठ जाते हैं, जिससे उसे साफ करना कहीं ज्यादा आसान हो जाता है।
2. मलमल के बारीक कपड़े या महीन छलनी का करें प्रयोग
ठंडा होने के बाद तेल को साफ करने के लिए लोहे या स्टील की महीन जाली वाली छलनी का उपयोग करें। यदि आप शत-प्रतिशत बेहतर परिणाम चाहती हैं, तो छलनी के ऊपर मलमल का एक साफ सूती कपड़ा रख लें और फिर तेल को छानें। कपड़ा आटे के सबसे सूक्ष्म कणों और जले हुए काले टुकड़ों को भी रोक लेता है। छानने के बाद आप देखेंगी कि तेल एकदम पारदर्शी, साफ और दोबारा इस्तेमाल के योग्य दिखाई देने लगा है।
3. दोबारा इस्तेमाल से पहले तेल का रंग और गंध जरूर परखें
साफ करने के बाद भी एक बार तेल की शुद्धता की जांच करना अनिवार्य है। यदि छानने के बाद भी तेल से किसी तरह की तीखी, कड़वी या जली हुई महक आ रही हो, तो उसे तुरंत फेंक दें। यदि तेल का रंग सामान्य से बहुत ज्यादा गहरा भूरा या बिल्कुल कोयले जैसा काला पड़ चुका हो, तो वह जहरीला हो जाता है। ऐसा धुआं छोड़ने वाला चिपचिपा तेल कैंसर और पेट की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, इसलिए इसे दोबारा यूज न करें।
4. एयरटाइट और सूखे कंटेनर में ही करें सुरक्षित स्टोर
अच्छी तरह छाने गए इस साफ तेल को रखने के लिए हमेशा कांच या अच्छी क्वालिटी के स्टील के जार का इस्तेमाल करें। ध्यान रहे कि बर्तन पूरी तरह सूखा और साफ होना चाहिए। नमी या पानी की एक बूंद भी तेल को खराब कर सकती है। इस जार को एयरटाइट ढक्कन से बंद करके रसोई के किसी ऐसे कोने में रखें जहाँ सीधी धूप या नमी न पहुंचती हो। सही स्टोरेज से तेल का ऑक्सीकरण रुक जाता है और वह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।
बचे हुए तेल को दोबारा किचन में इस्तेमाल करते समय बरतें ये 3 सावधानियां
डीप फ्राइंग से बचें: इस छाने हुए तेल का उपयोग दोबारा पूड़ी या पकौड़े तलने में न करें। इसका इस्तेमाल केवल हल्की फ्राइंग, पराठे सेकने या रोजमर्रा की सूखी सब्जियां छौंकने में ही करें।
बार-बार गर्म न करें: एक बार बचे हुए तेल को केवल एक ही बार दोबारा इस्तेमाल करें। बार-बार गर्म करने से तेल में ट्रांस फैट और हानिकारक फ्री-रेडिकल्स बढ़ जाते हैं।
पुराने-नए तेल को न मिलाएं: कभी भी नए और ताजा तेल के डिब्बे में इस बचे हुए पुराने तेल को मिक्स न करें, वरना नया तेल भी अपनी शेल्फ लाइफ खो देगा। हमेशा समझदारी और सीमित मात्रा में ही इसका दोबारा उपयोग करें।
