संजय राउत का एकनाथ शिंदे पर तीखा वार, बोले- चोरी की संपत्ति का हिसाब देने गए हैं

मुंबई: महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एक बार फिर बयानों के तीखे तीर चलने शुरू हो गए हैं। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर हमला बोलते हुए एक बड़ा विवादित बयान दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिंदे पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि वे 'चोरी की जागीर' लेकर देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर घूम रहे हैं। राउत का यह तीखा हमला उस वक्त सामने आया है, जब एकनाथ शिंदे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने के लिए दिल्ली के दौरे पर हैं।
कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान संजय राउत देश की मौजूदा कानून व्यवस्था पर जमकर बरसे। उन्होंने एकनाथ शिंदे गुट को 'चोरी का कुनबा' करार देते हुए सवाल उठाया कि क्या वाकई देश में संविधान और कानून का राज बचा है। राउत ने कहा कि शिंदे मुंबई से इस 'चोरी की मिल्कियत' को लेकर गृह मंत्री के दरबार में पहुंचे हैं और वहां इसे वैध बनाने की गुहार लगा रहे हैं। राउत का यह आक्रोश हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों के पाला बदलकर शिंदे गुट में शामिल होने के बाद फूटा है। इस बड़ी टूट के बाद अब लोकसभा में उद्धव ठाकरे के पास केवल तीन सांसद ही शेष रह गए हैं, जिसे पार्टी के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
राम मंदिर चंदे और प्रार्थना पर छिड़ी नई जंग
भारतीय जनता पार्टी द्वारा उद्धव ठाकरे से 'राम रक्षा' का पाठ करने की मांग किए जाने पर भी संजय राउत ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि वे नागपुर के मंदिर में नहीं, बल्कि सड़क पर उतरकर जनता के बीच 'राम रक्षा' का पाठ करेंगे क्योंकि वे जमीन से जुड़े लोग हैं। भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के दानपात्र से जुड़े 5,500 करोड़ रुपये के कथित घपले पर बात करने के बजाय सत्तापक्ष के लोग प्रार्थना और पाठ की दुहाई देकर मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
गठबंधन में दरार की खबरों को बताया भ्रामक अफवाह
महाविकास अघाड़ी (एमवीए) में फूट और परिसीमन विधेयक को लेकर सुप्रिया सुले के रुख पर चल रही खबरों को राउत ने पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने इसे विपक्षी खेमे की साजिश करार देते हुए कहा कि सुप्रिया सुले खुद ऐसी भ्रामक खबरों से हैरान हैं और गठबंधन में कोई दरार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राकांपा (एसपी) नेता जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री से मुलाकात केवल उनके क्षेत्र के स्थानीय मुद्दे को लेकर थी, जिसे गलत राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य पर जताई गहरी चिंता
नीट पेपर लीक मामले के विरोध में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा किए जा रहे अनशन पर भी संजय राउत ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील और राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा है, जिस पर केंद्र सरकार को बिना किसी देरी के तुरंत ध्यान देना चाहिए और उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए।
