कशिश मर्डर केस में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले की तैयारी पर पुलिस की नजर

पीलीभीत| पीलीभीत के जिला अस्पताल के सीटी स्कैन विभाग में पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पकड़े गए आरोपी सागर सिंह ने पुलिस के सामने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि कशिश पिछले दो महीनों से उससे बातचीत नहीं कर रही थी और उसे लगातार इग्नोर कर रही थी। इस खामोशी से उपजे गुस्से में उसने सोमवार को बाजार से एक चाकू खरीदा और बात करने के बहाने कशिश के पास पहुंचकर उसकी जान ले ली। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। इससे पहले मंगलवार सुबह जिला अस्पताल के सीटी स्कैन रूम में सहपाठी सागर सिंह ने कशिश पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए थे। गंभीर हालत में उसे बरेली के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों के प्रयासों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। बीच-बचाव करने आई अस्पताल कर्मी निधि भी इस हमले में जख्मी हो गई।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कशिश से एकतरफा प्रेम करता था, लेकिन पिछले दो महीनों से कशिश ने उससे दूरी बना ली थी। कशिश द्वारा लगातार नजरअंदाज किए जाने से उसके भीतर भारी आक्रोश था। इसी वजह से उसने सोमवार को बाजार से करीब 12 इंच लंबा चाकू खरीदा और अगले दिन सुबह उसे अपने बैग में छुपाकर अस्पताल पहुंच गया।
सीटी स्कैन रूम में खूनी वारदात
सीटी स्कैन रूम में कशिश को बैठा देखकर आरोपी ने अचानक चाकू से उस पर हमला कर दिया। शोर सुनकर पहुंचे सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल चाकू, आरोपी का बैग और घटनास्थल से खून के नमूने जांच के लिए सील कर दिए हैं। बुधवार को मेडिकल जांच के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। स्थानीय पुलिस अधिकारी अमरनाथ वर्मा के अनुसार, आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज व गवाहों के बयानों के आधार पर सख्त चार्जशीट तैयार की जा रही है ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।
अस्पताल से लेकर अदालत तक पुलिस का कड़ा पहरा
आरोपी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल में मेडिकल टेस्ट के दौरान कड़े इंतजाम किए गए थे। इसके बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उसे कोर्ट ले जाया गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद रही।
परिजनों का फूटा गुस्सा, कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही के आरोप और फांसी की मांग
इस दर्दनाक घटना के बाद बुधवार को कशिश के परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। कलेक्ट्रेट पहुंचे परिवार वालों ने डीएम और एसपी से मुलाकात कर मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और दोषी को फांसी की सजा देने की गुहार लगाई। परिजनों का गंभीर आरोप है कि छात्रा ने आरोपी की हरकतों के खिलाफ कॉलेज प्रशासन को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन प्रबंधन ने समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। अगर शिकायत पर सख्ती दिखाई जाती, तो आज कशिश जिंदा होती।
बरेली के भुता क्षेत्र के केसरपुर गांव के निवासी विकास पटेल ने बताया कि उनकी होनहार भतीजी कशिश ने बेहतर भविष्य के लिए पीलीभीत मेडिकल कॉलेज के पैरामेडिकल कोर्स में दाखिला लिया था। आरोपी सागर उसे लंबे समय से प्रताड़ित कर रहा था। विकास पटेल ने बताया कि उन्होंने कशिश के माता-पिता व अन्य रिश्तेदारों के साथ डीएम ज्ञानेंद्र सिंह और एसपी सुकीर्ति माधव से मिलकर न्याय की मांग की है।
एकतरफा विवाद में गई पैरामेडिकल छात्रा की जान
पीलीभीत के जिला अस्पताल परिसर में मंगलवार सुबह एक छात्र ने अपनी ही सहपाठी पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे 20 वर्षीय कशिश पटेल की बरेली के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बीच-बचाव करने आई स्टाफ नर्स निधि के हाथ में भी चाकू लगने से चोट आई है। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि कानपुर के रहने वाले आरोपी सागर सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
प्राथमिक जांच के मुताबिक, यह हमला कथित तौर पर एकतरफा प्रेम प्रसंग के विवाद का नतीजा है। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। कशिश सीटी स्कैन प्रथम वर्ष की छात्रा थी और ट्रेनिंग के लिए अस्पताल आई थी, तभी सागर ने उस पर हमला कर दिया। इस वारदात के बाद कॉलेज परिसर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया और अस्पताल की व्यवस्थाएं भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुईं।
