अब घर बैठे करें श्रीजगन्नाथ मंदिर में दान, ऑनलाइन सेवा का शुभारंभ

पुरी: भगवान श्रीजगन्नाथ के देश-विदेश में बसे करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए ओडिशा सरकार ने एक बड़ी और ऐतिहासिक सौगात दी है। अब दुनिया के किसी भी कोने में बैठे भक्त बेहद सुरक्षित, पारदर्शी और आसान तरीके से महाप्रभु के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर सकेंगे। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) कार्यालय में अत्याधुनिक 'डिजिटल हुंडी समर्पण' (ऑनलाइन दान सुविधा) का भव्य शुभारंभ किया। इस तकनीक के आने से अब भक्तों को मंदिर परिसर में आकर हुंडी की कतारों में लगने की बाध्यता नहीं रहेगी।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस डिजिटल पहल की सराहना करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर फैले जगन्नाथ भक्तों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सीधे धाम से जोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त होने वाली संपूर्ण दान राशि का उपयोग पूर्ण पारदर्शिता के साथ 12वीं शताब्दी के इस ऐतिहासिक मंदिर के विकास, भव्य संरक्षण और दैनिक रखरखाव के कार्यों में किया जाएगा।

ओकाक ने तैयार किया अत्याधुनिक सुरक्षित पोर्टल

राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के विशेष मार्गदर्शन में इस डिजिटल पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन को 'ओडिशा कंप्यूटर एप्लीकेशन सेंटर' (OCAC) द्वारा विकसित किया गया है। साइबर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पूरे सिस्टम को श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट से सीधे लिंक किया गया है। इससे दानदाताओं की बैंकिंग डिटेल्स पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी और दान की प्रक्रिया में किसी भी तरह की हेराफेरी की गुंजाइश नहीं होगी।

यूपीआई, व्हाट्सऐप से भुगतान और टैक्स में छूट

श्रद्धालुओं की सहूलियत को सर्वोपरि रखते हुए इस डिजिटल हुंडी में भुगतान के सभी आधुनिक विकल्प दिए गए हैं। भक्त अपनी सुविधा के अनुसार यूपीआई (UPI), इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और यहाँ तक कि सीधे व्हाट्सऐप (WhatsApp) के जरिए भी राशि ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि कोई दानदाता बड़ी राशि समर्पित करता है, तो यह प्रणाली पैन (PAN) विवरण दर्ज कर आयकर अधिनियम की धारा 80जी (Section 80G) के तहत तत्काल कर छूट की डिजिटल रसीद भी जनरेट करके देगी।

एक ही ऐप में बुकिंग और सूचनाओं की भरमार

यह नई मोबाइल एप्लीकेशन केवल दान देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे श्रद्धालुओं के लिए 'वन-स्टॉप सॉल्यूशन' के रूप में तैयार किया गया है। इस ऐप के माध्यम से देश-विदेश के भक्त श्रीमंदिर से जुड़ी महत्वपूर्ण धार्मिक घोषणाएं, त्योहारों के नवीनतम अपडेट, दैनिक अनुष्ठानों का समय और पुरी आने पर 'भक्त निवास' में ठहरने के लिए ऑनलाइन रूम बुकिंग जैसी आवश्यक सुविधाओं का लाभ भी उठा सकेंगे।

परंपरा और आधुनिक तकनीक का अनूठा समन्वय

श्रीजगन्नाथ मंदिर के मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद कुमार पाढ़ी ने इस अवसर पर कहा कि सदियों पुरानी परंपरा और 21वीं सदी की आधुनिक तकनीक का यह समन्वय श्रद्धालुओं के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा। उन्होंने विशेष रूप से व्हाट्सऐप पेमेंट का जिक्र करते हुए कहा कि इस एक फीचर के जुड़ जाने से ग्रामीण इलाकों और बुजुर्ग भक्तों के लिए भी महाप्रभु को दान अर्पित करना बेहद सरल, पारदर्शी और समय बचाने वाला साबित होगा।

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