निगम-मंडलों में जल्द होगी राजनीतिक नियुक्तियां, CM मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष की बैठक में मुहर

भोपाल: मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश सरकार जल्द ही विभिन्न निगमों, मंडलों और प्राधिकरणों में खाली पड़े पदों पर नियुक्तियों का नया दौर शुरू कर सकती है। इसके तहत भोपाल, इंदौर के साथ-साथ बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण में नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की तैनाती की अटकलें तेज हो गई हैं। इसके अतिरिक्त, सामाजिक संतुलन और प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर गठित किए गए विभिन्न बोर्डों में भी मनोनीत सदस्यों की नियुक्तियां की जानी हैं। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों की घोषणा 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक पहले या फिर दतिया विधानसभा उपचुनाव के संपन्न होने के तुरंत बाद की जा सकती है।

अब तक 40 से अधिक पदों पर हो चुकी हैं नियुक्तियां

राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला पिछले कुछ समय से लगातार जारी है। अब तक 40 से अधिक प्रमुख निगमों, मंडलों, आयोगों और विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियां की जा चुकी हैं। शासन और संगठन स्तर पर शेष बचे पदों के लिए नामों की सूचियों को अंतिम रूप दिया ही जा रहा था कि इसी बीच एक विवाद के कारण इस प्रक्रिया पर अस्थायी रूप से ब्रेक लग गया था। दरअसल, कुछ नवनियुक्त अध्यक्षों द्वारा बड़े पैमाने पर रैली निकाली गई थी, जिसने शासन स्तर पर नाराजगी पैदा कर दी थी।

पीएम मोदी की अपील की अनदेखी और पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष पर गाज

यह विवाद उस समय खड़ा हुआ जब एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में पेट्रोलियम पदार्थों की बचत और सादगी को लेकर जनता को प्रेरित कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ इन रैलियों में फिजूलखर्ची देखने को मिली। इसे घोर अनुशासनहीनता मानते हुए भाजपा संगठन ने मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के तत्कालीन अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर दिया था। इसके साथ ही राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए ठाकुर के सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार निलंबित कर दिए थे, जो कि लंबे समय के बाद आज भी बहाल नहीं हो सके हैं। इस घटनाक्रम के बाद नियुक्तियों की रफ्तार धीमी पड़ गई थी।

मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की बैठक में बनी आम सहमति

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस गतिरोध को दूर करने के लिए पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भोपाल, इंदौर और बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के साथ-साथ अन्य सभी शेष निगम-मंडलों के रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने पर आम सहमति बन गई है। पार्टी और सरकार दोनों ही स्तरों पर यह माना जा रहा है कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों और विधानसभा सत्र को देखते हुए इन नियुक्तियों को अमलीजामा पहनाना बेहद जरूरी है, जिसकी घोषणा अब किसी भी समय की जा सकती है।

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