स्कूल में फैली PNG गैस, 7 छात्राएं हुईं बेहोश; नाला खुदाई बनी हादसे की वजह

मुजफ्फरपुर: जिले के मुशहरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रोहुआ हाट के समीप शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 11:30 बजे इलाके में नाला निर्माण के लिए चल रही खुदाई के दौरान एक लापरवाही सामने आई। खुदाई कार्य में लगी एक तेज रफ्तार जेसीबी मशीन ने जमीन के नीचे से गुजर रही पीएनजी गैस पाइपलाइन को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण गैस पाइपलाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से हुआ गैस का तीव्र रिसाव

टक्कर लगते ही पाइपलाइन से बेहद तेज गति और दबाव के साथ गैस का रिसाव शुरू हो गया। हवा में गैस फैलते ही उसकी तीव्र गंध चारों ओर फैल गई, जिससे मौके पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। गैस रिसाव का यह घातक असर कुछ ही मिनटों में घटना स्थल के बिल्कुल नजदीक स्थित स्थानीय हाई स्कूल और मिडिल स्कूल के परिसरों तक पहुंच गया।

स्कूल की कक्षाओं में फैली गैस और मची अफरा-तफरी

हवा के रुख के साथ गैस की गंध तेजी से दोनों स्कूलों के कमरों और कक्षाओं के भीतर समाने लगी, जिससे वहां मौजूद बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। स्थिति को बिगड़ता देख स्कूलों के शिक्षकों ने बेहद सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने बिना कोई समय गंवाए तुरंत सभी छात्र-छात्राओं को कक्षाओं से सुरक्षित बाहर निकाला और एहतियात के तौर पर स्कूलों में तत्काल छुट्टी की घोषणा कर दी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया।

गैस की चपेट में आने से सात छात्राएं हुईं अचेत

स्कूल खाली कराने की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान गैस के जहरीले प्रभाव के कारण हाई स्कूल की सात छात्राएं अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं। छात्राओं के अचेत होते ही स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी प्रभावित छात्राओं को एम्बुलेंस और निजी वाहनों की मदद से नजदीकी मुशहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम तुरंत उनके उपचार में जुट गई है।

राहत कार्य शुरू और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और गैस कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंच गई है। सबसे पहले गैस की मुख्य आपूर्ति को पीछे से बंद कराया गया ताकि रिसाव पर पूरी तरह काबू पाया जा सके। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि बिना रूट मैप और सुरक्षा मानकों के नाले की खुदाई की अनुमति किसने दी थी।

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