JPSC विवाद पर रांची में उबाल, BJYM कार्यकर्ताओं ने तोड़ी बैरिकेडिंग

रांची: 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर 22 जुलाई को भारतीय जनता युवा मोर्चा ने जेपीएससी कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया है। युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज के नेतृत्व में हजारों की संख्या में आक्रोशित युवा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से पैदल मार्च निकालते हुए जेपीएससी मुख्यालय तक पहुंचे। इस विशाल प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया है और जगह-जगह मजबूत बैरिकेडिंग करके स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
जेपीएससी परीक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवा
14वीं जेपीएससी परीक्षा की प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों और धांधली के खिलाफ युवाओं का गुस्सा पूरी तरह फूट पड़ा है। हजारों अभ्यर्थियों और युवा कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि योग्य युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैरिकेडिंग तोड़कर जेपीएससी कार्यालय के मुख्य द्वार तक पहुंचे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन के दौरान जेपीएससी कार्यालय के बाहर का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने सरकार और आयोग प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए पुलिस द्वारा लगाए गए शुरुआती सुरक्षा घेरों को ध्वस्त कर दिया। पुलिस के कड़े इंतजामों को दरकिनार करते हुए उग्र युवा बैरिकेडिंग तोड़कर सीधे जेपीएससी कार्यालय के मुख्य द्वार तक पहुंचने में कामयाब रहे।
सुरक्षा बल अलर्ट और वाटर कैनन की तैनाती
स्थिति को बेकाबू होते देख जेपीएससी परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त और चाक-चौबंद कर दिया गया है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने मौके पर वाटर कैनन और अश्रु गैस की गाड़ियों को पूरी तरह तैयार रखा है।
आंदोलनकारियों को रोकने के लिए पुलिस का कड़ा पहरा
मुख्य द्वार तक पहुंचे प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। फिलहाल भाजपा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को कार्यालय परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया है। पुलिस बल की मुस्तैदी और बैरिकेडिंग के जरिए उग्र भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर मुख्य द्वार पर डटे हुए हैं।
