वकीलों का फूटा गुस्सा, दिल्ली घटना के विरोध में डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

कानपुर। देश की राजधानी दिल्ली में विगत सोमवार को विद्यार्थियों पर हुए पुलिस बल प्रयोग की घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। बुधवार दोपहर दर्जनों की संख्या में वकीलों ने जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार को घेरकर धरना दिया। करीब आधे घंटे तक चले इस घेराव के कारण कलेक्ट्रेट आने-जाने वाले आम नागरिकों और फरियादियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थिति को संभालते हुए वकीलों ने अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय शिखा शुक्ला के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को एक मांग पत्र प्रेषित किया, जिसके उपरांत ही मुख्य द्वार से घेराव समाप्त किया गया।
विद्यार्थियों के समर्थन में उतरे अधिवक्ता
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कानपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र शर्मा, सोनल पाठक एवं मोहम्मद तौहीद ने संयुक्त रूप से अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी और पेपर लीक मामले को लेकर छात्र-छात्राएं दिल्ली के जंतर-मंतर पर पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अनशन और पैदल मार्च निकाल रहे थे। अपने भविष्य की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे निर्दोष विद्यार्थियों पर पुलिस द्वारा किया गया बल प्रयोग पूरी तरह से अमानवीय और दमनकारी है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस की इस बर्बर कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं शारीरिक रूप से गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करा रहे युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्ञापन के जरिए अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति से मांग की है कि इस घटना के जिम्मेदार प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित विद्यार्थियों को तुरंत न्याय प्रदान किया जाए।
